दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 47.7 लाख नामों को फिर से जोड़ने के लिए पंजीकरण समयसीमा बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित मसौदा सूची में शहर के 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 33 प्रतिशत के नाम हटाए गए थे, जिन्हें 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराए गए या अन्य' (ASDDOF) श्रेणी में रखा गया है। इस बारे में अधिक जानकारी ceodelhinet.nic.in पर उपलब्ध है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन हटाए गए नामों में 43.3 लाख से अधिक स्थानांतरित या अनुपस्थित व्यक्ति, 2.82 लाख मृत व्यक्ति और 1.41 लाख दोहरे नाम शामिल हैं।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की वर्तमान समयसीमा 30 सितंबर 2026 तय की गई है, और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। आंकड़ों से पता चलता है कि 31 अगस्त से 17 सितंबर के बीच 73,496 फॉर्म-6 आवेदन जमा किए गए, जिससे नए आवेदनों की कुल संख्या 2.85 लाख से अधिक हो गई है।
विशेष गहन संशोधन (SIR) 2026 अभियान के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। इस अभियान की जानकारी
dmnewdelhi.delhi.gov.in पर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जोर देकर कहा कि उचित प्रक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के बिना किसी भी योग्य मतदाता को हटाया नहीं जाएगा, और प्रभावित व्यक्तियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस भेजे गए हैं।
भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा 21 सितंबर 2026 को 4.77 लाख मतदाताओं को हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई किए जाने की उम्मीद है। इस बीच, चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अंतिम सूची में योग्य नागरिकों को शामिल करने के लिए सभी जमा किए गए फॉर्म-6 आवेदनों पर वर्तमान में प्रक्रिया चल रही है।