दिल्ली: डिमोलिशन से विस्थापित लोगों के लिए चुनाव आयोग ने लगाए विशेष वोटर कैंप

दिल्ली में हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई और डिमोलिशन के कारण जिन लोगों के घर उजड़ गए, उनके लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ी राहत दी है। दिल्ली वोटर एनरोलमेंट कैंप की शुरुआत की गई है ताकि विस्थापित नागरिक अपनी वर्तमान लोकेशन पर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा सकें और उनके मताधिकार का हनन न हो। यह पूरी कवायद भारत निर्वाचन आयोग के 1 अक्टूबर के निर्देशों के बाद शुरू हुए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का हिस्सा है।
चुनाव आयोग ने उन सभी मतदाताओं से अपील की है जिनके घर ध्वस्त हुए हैं, कि वे इन विशेष शिविरों में जाकर अपनी पंजीकरण स्थिति को अपडेट करें। हालांकि, इस प्रक्रिया में फॉर्म को लेकर कुछ उलझनें देखी गई हैं, जहां यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नए नामांकन के लिए फॉर्म 6 का उपयोग करना है या पता बदलने के लिए फॉर्म 8 का।
कैंप का शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया
वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए आयोग ने एक विस्तृत योजना बनाई है। इसके तहत मुख्य गतिविधियां इस प्रकार हैं:
- कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंप: 7 अक्टूबर और 8 अक्टूबर, 2026 के बीच राजधानी के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
- पोलिंग स्टेशन कैंप: इसके बाद 9 अक्टूबर और 11 अक्टूबर, 2026 को सभी पोलिंग स्टेशनों पर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
- घर-घर दस्तक: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म 6 भरने में मदद कर रहे हैं, खासकर 18 से 25 साल के युवा मतदाताओं को गाइड किया जा रहा है।
आंकड़ों की बात करें तो वर्तमान रिवीजन प्रक्रिया में लगभग 29.86% मतदाता 'अनुपस्थित' या 'शिफ्टेड' श्रेणी में हैं, जबकि 1.95% की मृत्यु हो चुकी है और 0.98% लोग एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाना जरूरी है, हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कुछ विरोध और शिकायतें भी सामने आई हैं कि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटा दिए गए हैं।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दावों और आपत्तियों के निपटारे की समीक्षा की है। अब 30 अक्टूबर को आपत्तियों की अवधि समाप्त होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।