दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: 9वीं की छात्राओं को अक्टूबर तक मिलेंगी 40,000 साइकिलें
दिल्ली सरकार की विद्या वाहिनी योजना के तहत 9वीं की छात्राओं को साइकिल बांटी जा रही हैं ताकि स्कूल ड्रॉपआउट दर कम हो सके।

दिल्ली की सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक शानदार खबर है। दिल्ली सरकार अपनी विद्या वाहिनी योजना के जरिए कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिलें बांटने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर के अंत तक करीब 40,000 छात्राओं को साइकिलें उपलब्ध करा दी जाएं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आसानी हो और उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
अक्टूबर के मध्य तक की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी भर में लगभग 28,000 साइकिलें पहले ही बांटी जा चुकी हैं। जो छात्राएं अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं, उन्हें नवंबर 2026 तक साइकिलें मिल जाएंगी। बता दें कि इस योजना की शुरुआत 31 जुलाई 2026 को दिल्ली बजट 2026-27 के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में की गई थी।
शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित इस योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार का लक्ष्य इसे चरणों में लागू करते हुए कुल 1.3 से 1.5 लाख छात्राओं को लाभ पहुंचाना है। इस योजना के पीछे की सोच यह है कि परिवहन का साधन मिलने से छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी और बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर में कमी आएगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन साइकिलों को "सशक्तिकरण का पहिया" बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापनों पर पैसा खर्च करने के बजाय छात्राओं के आत्मविश्वास और उनकी शिक्षा तक पहुंच को प्राथमिकता दे रही है। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्यक्रम दिल्ली की लड़कियों के लिए सुरक्षा, समानता और शैक्षिक अवसरों की उनकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
सबसे अच्छी बात यह है कि इस सुविधा को पाने के लिए छात्राओं को किसी अलग आवेदन की जरूरत नहीं है। साइकिलों के वितरण की पूरी प्रक्रिया जिला स्तर पर सीधे सरकारी स्कूलों के माध्यम से पूरी की जा रही है।