जनकपुरी में शिक्षा मंत्री ने बांटी साइकिलें, विद्या वाहिनी योजना से छात्राओं के पंखों को मिली उड़ान

दिल्ली सरकार की विद्या वाहिनी योजना के तहत छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्कूल आने-जाने की राह आसान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 9 की 432 छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेटियां बिना किसी बाधा के नियमित रूप से स्कूल आ सकें और उनमें आत्मविश्वास की भावना जागे।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ये साइकिलें केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह लड़कियों की आजादी और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक जरिया हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का पूरा समर्थन करें ताकि वे निडर होकर शिक्षा की ओर बढ़ सकें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ अच्छे ग्रेड लाना नहीं है, बल्कि संवाद कौशल (communication skills), विषयों पर पकड़ और व्यक्तिगत आत्मविश्वास विकसित करना भी है।
डिजिटल शिक्षा और भविष्य के लक्ष्य
शिक्षा मंत्री ने छात्राओं को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड और क्रोमबुक जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग कर छात्र अपनी पढ़ाई को और बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 'एक्सपीरिएंशियल लर्निंग' (Experiential Learning) को बढ़ावा देने के लिए क्लासरूम में 75 इंच के स्मार्ट डिस्प्ले लगाए जा रहे हैं।
विद्या वाहिनी योजना की बात करें तो इसकी शुरुआत 31 जुलाई 2026 को हुई थी। तब से अब तक शहर भर में करीब 26,000 साइकिलें बांटी जा चुकी हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य बहुत बड़ा है; राजधानी के कक्षा 9 में पढ़ने वाली सभी 1.4 लाख छात्राओं को उच्च गुणवत्ता वाली ब्रांडेड साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि शिक्षा की राह में दूरी अब कोई रुकावट न बने।