दिल्ली में 24/7 बिजली सप्लाई के लिए बड़ा प्लान, मंत्री आशीष Sood ने की समीक्षा

Kittu Kumari7 August 20262 min read43 viewsDelhi Local
दिल्ली में 24/7 बिजली सप्लाई के लिए बड़ा प्लान, मंत्री आशीष Sood ने की समीक्षा

दिल्ली के पावर मिनिस्टर आशीष Sood ने राजधानी में 24 घंटे बिना रुकावट बिजली सप्लाई देने के लिए एक बड़ा प्लान शुरू किया है। 6 और 7 अगस्त 2026 को हुई हाई-लेवल बैठकों के बाद, मंत्री Sood ने पावर सिस्टम को मजबूत करने, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लागू करने और पावर कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सप्लाई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पावर ट्रिपिंग की समस्याओं को दूर करने और पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (DISCOMs) की जवाबदेही में सुधार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें परफॉर्मेंस पैरामीटर्स और ऑडिट सिस्टम शामिल हैं।

  • राजधानी में 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए व्यापक प्लान शुरू।
  • किलोकरी, दक्षिण दिल्ली में BESS का हुआ उद्घाटन।
  • 17,000 करोड़ रुपये की लागत से 'Delhi Power Master Plan 2030' पर काम जारी।

BESS और ग्रिड स्टेबलाइजेशन पर जोर

इस पहल का एक मुख्य हिस्सा बड़े पैमाने पर BESS का तेज विकास और तैनाती है, जो ग्रिड स्टेबलाइजेशन, पीक डिमांड को मैनेज करने और स्थानीय बिजली कटौती को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। भारत का पहला कमर्शियल तौर पर अप्रूव्ड स्टैंडअलोन यूटिलिटी-स्केल BESS, जो दक्षिण दिल्ली के किलोकरी में स्थित है, हाल ही में मंत्री Sood द्वारा इनॉगुरेट किया गया था। BSES द्वारा IndiGrid, GEAPP और TERI के सहयोग से विकसित यह सिस्टम 20-40 मेगावाट-घंटे बिजली स्टोर और सप्लाई करने में सक्षम है, जो रोजाना चार घंटे तक बिजली देता है और अनुमानित एक लाख रेजिडेंट्स को फायदा पहुंचाता है। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने इस BESS के लिए पिछले मानकों से 55% कम टैरिफ मंजूर किया है, जिसका उद्देश्य ग्रीन एनर्जी को ज्यादा किफायती बनाना है। अन्य चर्चाओं में चांदनी चौक में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट्स (MUD) के जरिए बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने में तेजी लाना और दिल्ली सोलर पॉलिसी की स्थिति की समीक्षा करना शामिल था।

Delhi Power Master Plan 2030 और कोयले की स्थिति

दिल्ली सरकार 'जीरो पावर कट पॉलिसी' के प्रति प्रतिबद्ध है और 24x7 निर्बाध बिजली सप्लाई हासिल करने का लक्ष्य रखती है। लगभग 17,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला एक व्यापक 'Delhi Power Master Plan 2030' पर काम चल रहा है, जिसे अगले चार सालों के भीतर लगातार भरोसेमंद, किफायती, सुरक्षित और क्वालिटी पावर सप्लाई देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से पूरी राजधानी में बिजली कटौती और आउटेज की अवधि काफी कम होने की उम्मीद है। पावर सेक्टर के लिए नेशनल कोल सप्लाई भी पर्याप्त बताई गई, जिसमें जुलाई 2026 में प्रोडक्शन और डिस्पैच में मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, और 4 अगस्त 2026 तक लगभग 62 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

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