दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मुखर्जी नगर इलाके में दो छात्राओं के साथ कथित तौर पर पीछा करने और उत्पीड़न की गंभीर घटनाओं के बाद तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई 28 सितंबर 2026 को पूरी की गई है, जिसमें छात्रों के यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश पर तुरंत रोक लगा दी गई है। यह पूरी जानकारी ANI की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
यह घटना 23 सितंबर 2026 की शाम को हुई, जब हिंदू कॉलेज की दो पोस्ट-ग्रेजुएट्स प्रथम वर्ष की छात्राएं विजय नगर से ओल्ड गुप्ता चौक की ओर पैदल जा रही थीं। पीड़ितों के अनुसार, एक सफेद एसयूवी में सवार लोगों ने अशील टिप्पणियां कीं और उन्हें जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश की। सस्पेंड किए गए तीन छात्रों की पहचान नमन, अभिनव कुमार और अभिमन्यु कुमार के रूप में हुई है, जो सभी दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ सेंटर-द्वितीय के एलएलबी के छात्र हैं।
मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद, अधिकारियों ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78, 79 और 3(5) के तहत आरोप तय किए हैं। पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को अभिनव और अभिमन्यु को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें 27 सितंबर 2026 को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीसरे संदिग्ध नमन चौधरी, जो कथित तौर पर सफेद सफारी एसयूवी चला रहा था, अभी भी फरार है। नॉर्थवेस्ट जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने पुष्टि की है कि घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया गया है और बाकी संदिग्ध की तलाश जारी है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी अधिनियम, 1922 के अध्यादेश XV-B के खंड 3(ई) के तहत इन निलंबनों को सही ठहराया है, जो छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को नियंत्रित करता है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस द्वारा आधिकारिक रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई थी।