दिल्ली यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला: कॉलेजों और विभागों के लिए सोशल मीडिया और आचरण के नए नियम जारी

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों और विभागों को कर्मचारियों के प्रोफेशनल आचरण और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े नए दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है। 5 अगस्त को जारी यह निर्देश शिक्षा मंत्रालय (MoE) के 29 जून के एक सर्कुलर के बाद आया है, जिसमें संस्थागत गरिमा बनाए रखने और निवारक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission) द्वारा सुझाई गई बातों का जिक्र है। यह कदम डीयू द्वारा मई में अपनी खुद की प्रस्तावित सोशल मीडिया पॉलिसी को यह कहते हुए ठुकराने के महीनों बाद उठाया गया है, जब दिसंबर 2023 में इसे बनाने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित करने के बावजूद इसे 'व्यावहारिक नहीं' माना गया था।
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश और गाइडलाइंस
शिक्षा मंत्रालय का सर्कुलर उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) को कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने की सलाह देता है। इसमें विशेष रूप से प्रोफेशनल आचरण, संस्थागत गरिमा बनाए रखना, आधिकारिक जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करना और हितों के टकराव से बचना शामिल है। इसके अलावा, सर्कुलर भर्ती और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के खिलाफ निवारक उपायों को मजबूत करने की सिफारिश करता है। इसमें शैक्षणिक योग्यताओं और अनुभव प्रमाण पत्रों का सावधानीपूर्वक सत्यापन, भर्ती रिकॉर्ड के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल रिपॉजिटरी रखना और एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना शामिल है।
सभी स्टाफ सदस्यों तक पहुंचानी होगी जानकारी
इन दिशा-निर्देशों को मौजूदा संस्थागत आचरण ढांचे में एकीकृत किया जाना है और सभी स्टाफ सदस्यों को इसकी पूरी जानकारी दी जानी है।