दिल्ली यूनिवर्सिटी में डीयूटीए प्रदर्शन मार्च के दौरान महिला प्रोफेसर के साथ अनुचित हरकत की घटना

दिल्ली विश्वविद्यालय के एसपीएम कॉलेज की महिला प्रोफेसर डॉ. चयनिका उनियाल ने बुधवार 23 सितंबर 2026 को आयोजित दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन यानी डीयूटीए के प्रदर्शन मार्च के दौरान बिना सहमति के छूए जाने की घटना की जानकारी दी है। डॉ. उनियाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस घटना का जिक्र किया जिसके बाद कैंपस परिसर में महिलाओं की सुरक्षा और व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
डॉ. उनियाल के अनुसार मार्च की भीड़ के दौरान उन्हें अपने हाथ पर किसी का हाथ ब्रश करने का अहसास हुआ था। उन्होंने शुरुआत में इसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में होने वाली सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज कर दिया था लेकिन स्थिति तब और बढ़ गई जब वह अन्य शिक्षकों के साथ फोटो खिंचवाने के लिए खड़ी थीं और एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके कंधे पर हाथ रख दिया। जब उन्होंने मुड़कर उस व्यक्ति से आमना-सामना किया तो उस व्यक्ति ने तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लिया माफी मांगी और दावा किया कि उसने उन्हें एक पुरुष सहकर्मी समझ लिया था तथा 'सर' कहकर संबोधित किया था।
यह घटना दिल्ली विश्वविद्यालय में बढ़े हुए तनाव के बीच सामने आई है। 24 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी की दिल्ली इकाई ने हालिया सुरक्षा उल्लंघनों के बाद महिला छात्रों और स्टाफ के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग करते हुए कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अलावा डीयूएसयू चुनाव ड्यूटी के दौरान मोतीलाल नेहरू कॉलेज इवनिंग में एक शिक्षक पर कथित हमले के विरोध में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने 23 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। एक साल से भी कम समय में डीयू प्रोफेसर पर यह तीसरा हमला बताया गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय 2004 में लागू अध्यादेश XV-D के तहत उत्पीड़न के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति रखता है जो यौन उत्पीड़न को किसी भी अवांछित शारीरिक आचरण के रूप में परिभाषित करता है। विश्वविद्यालय ऐसे मामलों की जांच के लिए एपेक्स कंप्लेंट्स कमेटी और कॉलेज कंप्लेंट्स Committees सहित एक औपचारिक शिकायत तंत्र का उपयोग करता है। 25 सितंबर 2026 तक डॉ. उनियाल की शिकायत के जवाब में की गई विशिष्ट कार्रवाई के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन या कानून प्रवर्तन की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।