दिल्ली यूनिवर्सिटी ने खाली सीटों को भरने के लिए 11 कॉलेजों को क्लास 12 के मार्क्स के आधार पर एडमिशन की दी अनुमति

Kittu Kumari21 August 20262 min read186 viewsDelhi Local
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने खाली सीटों को भरने के लिए 11 कॉलेजों को क्लास 12 के मार्क्स के आधार पर एडमिशन की दी अनुमति

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) एडमिशन ब्रांच ने आधिकारिक तौर पर 11 कॉलेजों को Class 12 board examination marks के आधार पर खाली अंडरग्रेजुएट सीटों को भरने की अनुमति दे दी है। इसके तहत इन खास सीटों पर एडमिशन के लिए स्टैंडर्ड Common University Entrance Test (CUET) स्कोर की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला University Grants Commission (UGC) Standard Operating Procedure के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य Common Seat Allocation System (CSAS) के जरिए रेगुलर एडमिशन राउंड पूरे होने के बाद एकेडमिक सीटों को खाली रहने से रोकना है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।

विभिन्न कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया और शेड्यूल

जिन संस्थानों को हाल ही में यह अनुमति मिली है उनमें श्याम लाल कॉलेज, राजधानी कॉलेज और जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (इवनिंग) शामिल हैं। इनसे पहले अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज को भी यह मंजूरी मिल चुकी थी। श्याम लाल कॉलेज में 19 अगस्त से 21 अगस्त तक आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, जिसमें BSc Physical Science with Chemistry, BSc Physical Science with Electronics और BA (Hons) Hindi जैसे कोर्स शामिल हैं। इसकी मेरिट लिस्ट 23 अगस्त को आएगी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 24 और 25 अगस्त को होगा।

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राजधानी और जाकिर हुसैन कॉलेज का शेड्यूल

राजधानी कॉलेज ने आवेदन के लिए 24 अगस्त शाम 5 बजे तक की डेडलाइन तय की है। इसकी मेरिट लिस्ट 25 अगस्त को, वेरिफिकेशन 27 और 28 अगस्त को और अंतिम फीस पेमेंट की डेडलाइन 29 अगस्त है। राजधानी कॉलेज में BA (Hons) Sanskrit, BSc (Hons) Physics और कई अप्लाइड फिजिकल साइंस कॉम्बिनेशन ओपन हैं। वहीं, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (इवनिंग) ने 19 अगस्त से आवेदन लेना शुरू किया था जिसकी अंतिम तारीख 23 अगस्त है, जिसमें BA (Hons) Persian, Sanskrit और Urdu जैसे विषय शामिल हैं।

यूनिवर्सिटी का रुख और प्रतिक्रियाएं

दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर योगेश सिंह ने 2 अगस्त 2024 को इस बात पर जोर दिया था कि यूनिवर्सिटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी सीट खाली न रहे, और उन्होंने वैकल्पिक एडमिशन मानदंडों की अनुमति देने वाले UGC के निर्देश का स्वागत किया। हालांकि इस पहल से सीट खाली रहने की समस्या का समाधान होता है, लेकिन इसने कुछ फैकल्टी सदस्यों के बीच बहस छेड़ दी है, जिसमें एक एसोसिएट प्रोफेसर ने इस बदलाव को यूनिवर्सिटी के व्यापक एडमिशन फ्रेमवर्क के भीतर 'पॉलिसी पैरालिसिस' बताया है।

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