दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर की किताब पर चर्चा, विभाजन की त्रासदी पर मंथन

दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर की किताब 'द स्टोरी ऑफ इंडियाज पार्टीशन' पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें विभाजन के दर्द और हिंसा पर बात हुई।

Kittu Kumari28 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर की किताब पर चर्चा, विभाजन की त्रासदी पर मंथन

दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंडिपेंडेंस एंड पार्टीशन स्टडीज (CIPS) और जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज (JDMC) की हेरिटेज हिस्ट्री एसोसिएशन ने मिलकर एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर द्वारा लिखी गई किताब 'द स्टोरी ऑफ इंडियाज पार्टीशन' (The Story of India's Partition) रही, जिस पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की शुरुआत जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर स्वाति पाल के स्वागत भाषण से हुई, जबकि CIPS के डायरेक्टर प्रोफेसर रविंदर कुमार ने विषय का परिचय कराते हुए चर्चा की नींव रखी। इस पूरे सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर रवि प्रकाश टेकचंदानी ने की और विषय विशेषज्ञ के तौर पर प्रोफेसर अमृत कौर बसरा ने अपने विचार साझा किए।

विभाजन की हिंसा और महिलाओं का संघर्ष

चर्चा के दौरान प्रोफेसर रवि प्रकाश टेकचंदानी ने इस बात पर जोर दिया कि आज के आधुनिक दौर में भी विभाजन के इतिहास को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने इतिहासकारों से अपील की कि वे नए शोध प्रश्नों की तलाश करें ताकि उस दौर में हुई भीषण हिंसा और सांप्रदायिक दंगों की सच्चाई को दुनिया के सामने लाया जा सके।

वहीं, विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर अमृत कौर बसरा ने विभाजन की समयरेखा और उससे जुड़ी घटनाओं पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि विस्थापन और पलायन की प्रक्रिया कितनी दर्दनाक थी। प्रोफेसर बसरा ने विशेष रूप से इस बात का जिक्र किया कि विभाजन के उस खौफनाक दौर में महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार हुईं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन कहानियों और इतिहास को 'सबाल्टर्न स्टडीज' (Subaltern Studies) के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए ताकि हाशिए पर रहे लोगों के दर्द को समझा जा सके।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment