बड़ी खबर: दिल्ली यूनिवर्सिटी के वन-इयर पोस्टग्रेजुएट्स प्रोग्राम में एडमिशन में देरी और कन्फ्यूजन

Kittu Kumari2 August 20262 min read32 viewsDelhi Local
बड़ी खबर: दिल्ली यूनिवर्सिटी के वन-इयर पोस्टग्रेजुएट्स प्रोग्राम में एडमिशन में देरी और कन्फ्यूजन

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में साल 2026-27 के एकेडमिक सेशन के लिए हाल ही में शुरू किए गए one-year postgraduate (PG) program में एडमिशन को लेकर काफी कन्फ्यूजन और देरी देखने को मिल रही है। इसकी वजह से नए छात्रों और तीसरे सेमेस्टर के दो-साल के पीजी छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। कई विभागों में नए वन-इयर कोर्स की क्लासेज अभी शुरू नहीं हुई हैं। कुछ विभाग सिलेबस एक जैसे होने की वजह से दोनों बैचेस की ज्वाइंट क्लासेज चलाने पर विचार कर रहे हैं। इस बारे में Registrar Vikas Gupta ने साफ किया है कि ऐसा करना जरूरी नहीं है। गुप्ता ने एडमिशन में देरी की बात मानी है और भरोसा दिलाया है कि एडमिशन प्रोसेस तेजी से किया जा रहा है और सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की लिस्ट कुछ ही दिनों में आने की उम्मीद है।

  • DU के 2026-27 एकेडमिक सेशन के वन-इयर पीजी प्रोग्राम में एडमिशन में देरी और कन्फ्यूजन।
  • क्लासेज शुरू होने की तारीख 28 जुलाई घोषित हुई थी, जबकि रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई 2026 तक खुला था।
  • MA English, MA Political Science, MCom, MSc Computer Science और MSc Mathematics में unreserved category के लिए 49-49 सीटें हैं।
  • Democratic Teachers' Front (DTF) ने इस नई शुरुआत का विरोध किया है।
  • एकेडमिक कैलेंडर और सीट मैट्रिक्स में गड़बड़ी

    इस प्रोग्राम की शुरुआत में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक क्लासेज 28 जुलाई से शुरू होनी थीं, जबकि वन-इयर पीजी प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो 31 जुलाई 2026 तक खुली रही थी। इसके अलावा, 1 अगस्त 2026 को करेक्शन विंडो बंद हुई और इसी दिन रिवाइज्ड सीट मैट्रिक्स भी जारी किया गया। इस सीट मैट्रिक्स के मुताबिक, पॉपुलर कोर्सेस जैसे MA English, MA Political Science, MCom, MSc Computer Science और MSc Mathematics में से हर एक में unreserved category के तहत 49 सीटें दी गई हैं। यूनिवर्सिटी इस प्रोग्राम को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है और कॉलेज प्रिंसिपल्स से इस कोर्स को शुरू करने को लेकर पूछताछ की गई है।

    योग्यता और विरोध प्रदर्शन

    ये प्रोग्राम सिर्फ DU के Four-Year Undergraduate Programme (FYUP) (UGCF 2022 के तहत) पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए हैं। इसमें एडमिशन पूरी तरह से उनके आठवें सेमेस्टर के CGPA के बेसिस पर मेरिट से हो रहे हैं। दूसरी ओर, Democratic Teachers' Front (DTF) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि इस बारे में जरूरी बॉडीज से सही सलाह नहीं ली गई, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और फैकल्टी पर काम का बोझ बढ़ गया है। डीटीएफ ने यूनिवर्सिटी पर इनफॉर्मल चैनलों के जरिए कॉलेजों से जुड़ने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, स्टूडेंट्स ने भी वन-इयर पीजी प्रोग्राम के लिए 1,100 से ज्यादा सीमित सीटों पर चिंता जताई है, जबकि योग्य FYUP ग्रेजुएट्स की संख्या 30,000 से ज्यादा है। स्टूडेंट्स का कहना है कि एडमिशन प्रोसेस में पारदर्शिता की कमी है। आपको बता दें कि DU अपने मौजूदा 74 दो-साल के प्रोग्राम्स के साथ-साथ कुल 46 वन-इयर पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम ऑफर करता है, जिनमें लगभग 13,500 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं।

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