Delhi University Session 2026-27: DU में नया एकेडमिक सेशन शुरू, जानें एडमिशन और फीस पेमेंट की जरूरी डेडलाइन

दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया एकेडमिक सेशन 2026-27 आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 28 जुलाई 2026 को अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स के विषम सेमेस्टर (I, III, V, VII) के लिए क्लासेज शुरू कर दी हैं। सभी एफिलिएटेड कॉलेजों और यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट्स में क्लासेज चल रही हैं। कॉलेज एक्टिव रूप से एप्लीकेशन वेरीफाई कर रहे हैं और एडमिशन प्रोसेस पूरा कर रहे हैं। स्टूडेंट्स से कहा गया है कि वे अपनी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के शुरू करने के लिए समय पर फीस पेमेंट कर दें। इस खबर से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
DU BTech और PG एडमिशन्स के लिए जरूरी डेडलाइन
हाल ही के एडमिशन अपडेट्स के अनुसार, DU BTech Admission 2026 के स्पॉट राउंड 1 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके अलॉटमेंट रिजल्ट 6 अगस्त 2026 को आए और फीस पेमेंट की आखिरी तारीख 11 अगस्त 2026 है। पोस्टग्रेजुएट एडमिशन्स के लिए, यूनिवर्सिटी ने CSAS PG Spot Round 1 की फीस पेमेंट की डेडलाइन 8 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी थी। यह नोटिस 5 अगस्त 2026 को जारी हुआ था और डिपार्टमेंट्स को 7 अगस्त 2026 तक एप्लीकेशन वेरिफाई करने थे। नए एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम 2026-27 के पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट 5 अगस्त 2026 को आया। इसके तहत कैंडिडेट्स को 6 अगस्त 2026 तक सीट एक्सेप्ट करनी थी और 9 अगस्त 2026 तक फीस भरनी थी। इसके अलावा, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज ने मौजूदा स्टूडेंट्स के लिए सालाना फीस जमा करने की आखिरी तारीख 10 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी।
NSUI की भूख हड़ताल समाप्त और नए PG कोर्सेज का विस्तार
इस बीच, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़े पांच स्टूडेंट्स ने 6 अगस्त 2026 को अपनी नौ दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी। यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह हड़ताल खत्म हुई, जिसमें 2026 DUSU चुनावों के तीन महीने के भीतर एकेडमिक काउंसिल में स्टूडेंट रिप्रेजेंटेशन देने की बात कही गई है। यूनिवर्सिटी ने यह भी कन्फर्म किया है कि एक साल की पोस्टग्रेजुएट सीटों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जो पहले की 1,100 सीटों से दोगुनी हो गई हैं। साथ ही, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में भी ये कोर्सेज शुरू हो गए हैं। हालांकि, इन नए एक साल के मास्टर कोर्सेज के शुरू होने से कुछ कन्फ्यूजन और परेशानियां भी सामने आई हैं, क्योंकि एडमिशन्स एकेडमिक शेड्यूल से पीछे चल रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने नए एक साल के मास्टर स्टूडेंट्स और मौजूदा दो साल के PG प्रोग्राम्स के तीसरे सेमेस्टर के स्टूडेंट्स की कंबाइंड क्लासेज का सुझाव दिया है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट जैसे फैकल्टी संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है, क्योंकि इससे वर्कलोड बढ़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कमियों की चिंता जताई जा रही है।