दिल्ली में अनोखा फैशन: अखबार और पेड़ की टहनियों से बने कपड़ों ने खींचा सबका ध्यान
दिल्ली में एक अनोखे फैशन शो का वीडियो वायरल हो रहा है, जहां मॉडल अखबार और पेड़ की टहनियों से बने कपड़े पहने नजर आए।

देश की राजधानी दिल्ली अपनी रफ्तार और चमक-धमक के लिए जानी जाती है, लेकिन हाल ही में यहां एक ऐसा फैशन इवेंट हुआ जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस इवेंट की सबसे खास बात यह थी कि यहां मॉडल्स ने महंगे ब्रांड्स के कपड़े नहीं, बल्कि अखबारों और प्रकृति से जुड़ी चीजों जैसे पेड़ की टहनियों और पत्तों से बने लिबास पहने थे। इस अनोखे प्रयोग के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इस क्रिएटिविटी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन में जिस तरह से रिसाइकिल की गई चीजों और प्राकृतिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया, वह वाकई हैरान करने वाला है। जहां एक तरफ दिल्ली में लक्मे फैशन वीक जैसे बड़े आयोजन पेशेवर कारीगरी और सस्टेनेबल फैब्रिक पर केंद्रित होते हैं, वहीं इस इवेंट ने 'अवांत-गार्डे' यानी लीक से हटकर सोचने वाले अंदाज को पेश किया। यह शो मुख्यधारा के लग्जरी फैशन से बिल्कुल अलग था, क्योंकि इसका मकसद दिखावा नहीं बल्कि संसाधनों के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देना था।
वेस्ट मटेरियल से फैशन का बढ़ता क्रेज
अखबारों और कचरे से कपड़े बनाने का यह चलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे प्रयोग देखने को मिले हैं। उदाहरण के तौर पर, मध्य प्रदेश की अपेक्षा राय ने अखबारों से 200 से ज्यादा पहनने योग्य ड्रेस तैयार की हैं। इसी तरह के प्रोजेक्ट्स पहले भागलपुर और उत्तराखंड में भी चर्चा का विषय रहे हैं। दिल्ली का यह हालिया प्रदर्शन इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो यह संदेश देता है कि फैशन के लिए केवल महंगे कपड़ों की जरूरत नहीं, बल्कि एक रचनात्मक सोच की आवश्यकता होती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन क्लिप्स ने यह साबित कर दिया है कि लोग अब पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं और वेस्ट मटेरियल को नए तरीके से इस्तेमाल करने के प्रयोगों को पसंद कर रहे हैं। इस इवेंट ने न केवल लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि संसाधन-सचेत फैशन (resource-conscious fashion) की एक नई परिभाषा भी पेश की है।