दिल्ली में 77% टू-व्हीलर बिना PUC सर्टिफिकेट के दौड़ रहे, अब पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा: 77% टू-व्हीलर बिना PUC सर्टिफिकेट के चल रहे हैं। अब 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू होगा।

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि शहर की सड़कों पर चलने वाले अधिकांश दोपहिया वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 77 प्रतिशत से ज्यादा टू-व्हीलर्स के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC सर्टिफिकेट) नहीं है। यह आंकड़ा कारों की तुलना में कहीं अधिक है, क्योंकि कारों में यह गैर-अनुपालन दर केवल 19.6 प्रतिशत है। पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में स्कूटर और मोटरसाइकिल चलाने वाले लोग पीयूसी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता और इसके महत्व से अनजान हैं।
शहर की हवा की स्थिति गंभीर होती जा रही है और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने अब सख्ती शुरू कर दी है। 1 अक्टूबर 2026 से 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' (No PUC, No Fuel) नियम लागू कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आपके वाहन के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है, तो पेट्रोल पंप आपको ईंधन देने से मना कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
विंटर एक्शन प्लान: बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक और नए नियम
दिल्ली की बिगड़ती हवा को रोकने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने विंटर एक्शन प्लान के तहत कड़े कदम उठाए हैं। इस योजना के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड उन वाहनों के प्रवेश पर रोक होगी जो BS6 मानक पूरे नहीं करते। साथ ही, पार्किंग शुल्क को भी दोगुना कर दिया गया है।
हालांकि, ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) ने लॉजिस्टिक्स पर पड़ने वाले असर को देखते हुए 15 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट की मांग की है, लेकिन प्रशासन लंबी अवधि के कड़े नियमों की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने यह भी तय किया है कि 1 अप्रैल 2028 तक नए रजिस्ट्रेशन के लिए केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को ही प्राथमिकता दी जाएगी।