दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन से रेल सेवाएं ठप, लगातार तीसरे दिन यात्री परेशान

राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों ने आम यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पिछले तीन दिनों से जारी इस आंदोलन की वजह से दिल्ली की ट्रेन सेवाएं बाधित रही हैं, जिससे हजारों लोग अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावी रोल में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है।
रेलवे के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी गंभीर रही है। 11 अक्टूबर को पंजाब मेल करीब तीन घंटे और शताब्दी एक्सप्रेस लगभग चार घंटे की देरी से चली। इसके अलावा रेवांचल एक्सप्रेस दो घंटे दस मिनट, जबकि कर्नाटक संपर्क क्रांति और सचखंड एक्सप्रेस करीब एक-एक घंटे की देरी से संचालित हुईं।
रेलवे और पुलिस की कार्रवाई
नार्दर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 11 अक्टूबर तक 214 यात्री ट्रेनों की सेवाओं को बहाल कर लिया गया था, लेकिन अभी भी 30 ट्रेनें रद्द हैं। इससे पहले रैक की अनुपलब्धता के कारण लगभग 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, 8 अक्टूबर को ट्रैफिक जाम और ब्लॉकेड्स की वजह से करीब 5,000 यात्री अपनी ट्रेनें नहीं पकड़ पाए थे।
इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस की भूमिका भी चर्चा में है। पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन CJP नेता अभिजीत डिपके ने सरकार पर दमन का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। डिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास जैसे नेताओं को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन रिहाई के बाद वे अब और भी आक्रामक नजर आ रहे हैं।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका है, जिसने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे व्यवस्था संभालें और यह सुनिश्चित करें कि प्रदर्शनों के कारण मेट्रो सेवाएं पूरी तरह ठप न हों। हालांकि, CJP नेता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति दी जाए, वरना आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा।