दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का बड़ा एक्शन, उत्तरी रेंज में वाहनों की काली फिल्म पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर की उत्तरी रेंज में वाहनों पर अवैध ब्लैक फिल्म के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। यह विशेष जांच अभियान शनिवार को शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक यानी कुल 3.5 घंटे तक चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 वाहनों से काली फिल्में हटाईं और उनके चालान काटे। अधिक जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। यह पूरी कार्रवाई सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय पुलिस और पीसीआर यूनिट्स के साथ मिलकर किए जा रहे व्यापक अभियानों का हिस्सा है।
अधिकारियों के अनुसार वाहनों पर टिनटेड फिल्म का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है। कानूनी मानकों के तहत विंडस्क्रीन और पीछे की खिड़कियों के लिए कम से कम 70 प्रतिशत विजुअल लाइट ट्रांसमिशन यानी VLT होना अनिवार्य है। वहीं साइड की खिड़कियों के लिए यह मानक 50 प्रतिशत तय किया गया है, जो 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार है। इसके बारे में अधिक जानकारी परिवहन विभाग के पोर्टल पर दी गई है।
ताजा आंकड़े बताते हैं कि यह सख्ती पूरे शहर में बड़े पैमाने पर की जा रही है। 27 सितंबर 2026 को चलाए गए एक अन्य अभियान में पुलिस ने कुल 2,747 चालान काटे, जिसमें विशेष रूप से टिनटेड ग्लास के 242 उल्लंघन शामिल थे। इसके अलावा 20 से 26 सितंबर 2026 के बीच विभाग ने कुल 14,160 यातायात उल्लंघनों में से 917 चालान केवल अवैध विंडो टिनटिंग के लिए जारी किए।
डीसीपी ट्रैफिक उत्तरी रेंज सचिन सिंघल ने पुष्टि की है कि दिल्ली भर में विशेष चेकिंग अभियान अभी भी जारी हैं। इन अभियानों के तहत अवैध रूप से लगे टिनटेड ग्लास, गलत दिशा में गाड़ी चलाने और हेलमेट न पहनने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले पहली बार के अपराधियों पर आमतौर पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जो बार-बार गलती करने पर बढ़कर 1,500 रुपये तक हो सकता है।