दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का बड़ा एक्शन: नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के 10 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसा है, जिसमें 10 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।

दिल्ली की सड़कों पर रफ्तार और लापरवाही का खेल अब भारी पड़ने वाला है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इस सख्ती के तहत वेस्ट दिल्ली में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने 10 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। पुलिस का यह कदम सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और मोटर वाहन अधिनियम का सख्ती से पालन कराने के लिए उठाया गया है।
पुलिस ने केवल लाइसेंस सस्पेंड ही नहीं किए हैं, बल्कि 556 अलग-अलग मामलों में ड्राइवरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कोर्ट और परिवहन अधिकारियों को प्रस्ताव भेजे हैं। इस अभियान का मुख्य फोकस शराब पीकर गाड़ी चलाने, रेड लाइट जंप करने, गलत दिशा में ड्राइविंग करने और बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों पर है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर विशेष नजर
ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत 112 प्रस्ताव कोर्ट में पेश किए हैं, जिसमें लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने की मांग की गई है। अब तक कोर्ट ने ऐसे पांच लाइसेंस सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। वहीं, रेड लाइट जंप करने और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने के 374 मामलों को भी कोर्ट भेजा गया है, ताकि दोषियों के लाइसेंस छीने जा सकें।
ट्रैफिक पुलिस अब 'रिपीट ऑफेंडर्स' यानी बार-बार नियम तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम (RLVD) और ओवरस्पीडिंग वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम (OSVD) के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो बार-बार नियमों की अनदेखी करते हैं।
- बिना हेलमेट गाड़ी चलाने के 70 मामलों में आरटीओ को प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें से 5 लाइसेंस पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं।
- खतरनाक ड्राइविंग के मामलों में अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
- पुलिस अब चार्जशीट दाखिल करते समय आरोपी के ड्राइविंग लाइसेंस पर सख्त एक्शन लेने की मांग कर रही है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।