दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पश्चिमी जिले में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले बार-बार के अपराधियों के लाइसेंस किए निलंबित

दिल्ली में पश्चिमी जिला ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले पुराने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने चार वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस आधिकारिक तौर पर निलंबित कर दिए हैं और प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत की गई है और लाइसेंस निलंबन की अवधि तीन महीने तय की गई है। इस संबंध में अधिक जानकारी यहाँ आधिकारिक रिकॉर्ड से पुष्टि की गई है। यह कदम पश्चिमी जिला ट्रैफिक पुलिस द्वारा अदालतों और परिवहन अधिकारियों के पास फैसले के लिए 94 मामले भेजे जाने के बाद उठाया गया है।
अभियान और तकनीक का इस्तेमाल
पश्चिमी रेंज के डीसीपी रणबीर सिंह के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान तिलक नगर, राजौरी गार्डन और पंजाबी बाग के ट्रैफिक सर्किलों को निशाना बना रहा है। पुलिस पैदल गश्त के साथ-साथ ओवरस्पीड डिटेक्शन और रेड-लाइट उल्लंघन कैमरों के डेटा का उपयोग करके अपराधियों की पहचान कर रही है। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, शराब पीने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर छह महीने तक के लिए लाइसेंस निलंबित हो सकता है और इसके बाद ड्राइवरों को दो दिन की अनिवार्य काउंसलिंग और ट्रेनिंग लेनी होती है।
कानूनी नियम और जुर्माना
कानूनी नियमों के अनुसार, 100 मिलीलीटर खून में 30 मिलीग्राम से अधिक अल्कोहल होने पर उल्लंघन माना जाता है। पहली बार गलती करने पर छह महीने तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। बार-बार गलती करने पर दो साल तक की कैद या 15,000 रुपये का जुर्माना और तीन साल के लिए लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस विशेष सुरक्षा अभियान चला रही है। 27 सितंबर 2026 को 24 संवेदनशील जगहों पर चलाए गए अभियान में 1,930 चालान काटे गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 19 अक्टूबर 2026 को होने वाली आगामी लोक अदालत से शराब पीकर गाड़ी चलाने और लापरवाह हादसों जैसे गंभीर मामलों को बाहर रखा जाएगा ताकि इन्हें कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए निपटाया जा सके।