नमस्ते पाठકો, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को लेकर एक अहम नियम सामने आया है। इसके तहत अब ट्रैफिक पुलिस 60 फीट से कम चौड़ी सड़कों पर वाहनों के खिलाफ कोई भी प्रवर्तन कार्रवाई या चालान नहीं कर सकेगी। ऐसी सड़कों पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का अधिकार स्थानीय पुलिस या नगर निगम (MCD) के पास होता है। इस अहम फैसले से राजधानी के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजधानी में हाल के दिनों में यातायात नियमों को लेकर कड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।
बीते 27 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच ट्रैफिक पुलिस ने स्थानीय पुलिस और पीसीआर यूनिट के साथ मिलकर एक विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान कुल 1,930 चालान काटे गए। इसके अलावा 14 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच एक विशेष अभियान में 13,000 से अधिक यातायात उल्लंघनों पर कार्रवाई की गई। इस अवधि में सेंट्रल रेंज ने 5,644 चालान जारी किए और 1,048 वाहनों पर पहिए के ताले यानी क्लैंप लगाए, जबकि उत्तरी रेंज ने 7,534 मामलों में कार्रवाई की। इससे पहले 19 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच सेंट्रल और उत्तरी रेंज ने अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और यातायात बाधाओं के खिलाफ एक हफ्ते के अभियान में 3,000 से अधिक चालान जारी किए थे।
साल 2026 के दौरान ट्रैफिक पुलिस के कामकाज के तरीकों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
1 सितंबर 2026 से विभिन्न थानों और यूनिटों में तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों को मोबाइल उपकरणों के माध्यम से ई-चालान जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके अलावा, 13 जून 2026 से हर शनिवार, रविवार और दो अन्य कार्यदिवसों में शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच जिला और ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त पैदल गश्त अनिवार्य कर दी गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की मैदानी मौजूदगी जरूरी है। विभागों के बीच आपसी तालमेल का उदाहरण 17 सितंबर 2026 को देखने को मिला, जब लोक निर्माण विभाग (PWD), एमसीडी, स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर नत्थू कॉलोनी फ्लाईओवर से मौजपुर के 100-फुट टी-पॉइंट तक अतिक्रमण हटाया था।
इस बीच, दिल्ली सरकार ने चालान निपटान के नए नियमों को लागू करने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने जानकारी दी है कि वकीलों की समन्वय समिति द्वारा उठाए गए आपत्तियों की परिवहन विभाग समीक्षा करेगा। इसके बाद ही नियमों को आगे बढ़ाने पर कोई अगला फैसला लिया जाएगा।