दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बेहतरीन काम के लिए कर्मियों को किया सम्मानित, साउथ डिस्ट्रिक्ट में जन सुनवाई तेज
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बेहतरीन सेवा के लिए कर्मियों को सम्मानित किया, वहीं साउथ डिस्ट्रिक्ट में 'जन सुनवाई' अभियान को और मजबूत किया गया है।

राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति समर्पण दिखाने वाले जवानों की मेहनत अब रंग लाई है। 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (नर्दर्न रेंज) ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के भीतर पेशेवर मानकों को बनाए रखना और बेहतर काम करने वालों का मनोबल बढ़ाना है।
जन सुनवाई से जनता की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
एक तरफ जहां ट्रैफिक पुलिस अपने कर्मियों का उत्साह बढ़ा रही है, वहीं साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें हल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के दिशा-निर्देशों के तहत 'जन सुनवाई - आपकी आवाज मायने रखती है' अभियान को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
इस व्यवस्था के तहत अब हर शनिवार सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सभी पुलिस थानों में "थाना दिवस-जन सुनवाई" सत्र आयोजित किए जाते हैं। यह एक ऐसा खुला मंच है जहां आम लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, मदद मांग सकते हैं या सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े सुझाव दे सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं:
- स्पेशल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर तक के वरिष्ठ अधिकारी रोटेशन के आधार पर इन सुनवाइयों में शामिल होते हैं।
- चाहे शिकायत ICMS (इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मॉनिटरिंग सिस्टम) में दर्ज हो या नहीं, हर शिकायत को सुना जाएगा और ट्रैकिंग के लिए अपलोड किया जाएगा।
- थाना प्रभारी (SHO) की जिम्मेदारी है कि वे थाने में हेल्प डेस्क और बैठने की उचित व्यवस्था करें ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
- डीसीपी स्तर के अधिकारी सोशल मीडिया, आरडब्ल्यूए (RWA) और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के जरिए इन सत्रों का प्रचार-प्रसार करेंगे।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि शिकायतों के निवारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।