दिल्ली बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, GRAP-I लागू होते ही बढ़ी सख्ती
दिल्ली-NCR में GRAP-I लागू होने के बाद बॉर्डर पर चेकिंग तेज। बिना PUC वाले वाहनों पर 10 हजार का जुर्माना और बसों के लिए कड़े नियम।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की बिगड़ती सेहत ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 244-245 के स्तर पर पहुँचने और हवा 'खराब' श्रेणी में आने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-I (Graded Response Action Plan) लागू कर दिया है। इसे देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस GRAP-I के तहत अब शहर की सीमाओं पर वाहनों की सघन चेकिंग कर रही है ताकि प्रदूषण को और बढ़ने से रोका जा सके।
गुरुवार को स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने पड़ोसी राज्यों की एजेंसियों के साथ एक अहम समन्वय बैठक की। उन्होंने साफ किया कि प्रदूषण से लड़ना किसी एक की नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। अब बॉर्डर पर उन कमर्शियल वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है, ताकि शहर के अंदर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम हो सके।
बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों की अब खैर नहीं
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ अब पुलिस बेहद सख्त मूड में है। अगर आपके वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) नहीं है, तो आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
सार्वजनिक परिवहन के लिए भी कड़े नियम तय किए गए हैं। अब दिल्ली की सीमा में केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी (CNG) और BS-VI डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। जो बसें इन मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें बॉर्डर पर ही रोककर वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, ओवरलोडेड वाहनों और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि बॉर्डर पर ट्रैफिक के प्रवाह को संभालने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। वहीं, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है, जिसकी जानकारी के लिए बॉर्डर पर साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं।
ट्रैफिक उपायों के अलावा, GRAP-I के तहत सड़कों की मशीनीकृत सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण जैसे काम भी तेजी से किए जा रहे हैं। जहांगीरपुरी और चांदनी चौक जैसे इलाकों में हवा की स्थिति 'बहुत खराब' दर्ज की गई है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।