दिल्ली में GRAP Stage-I लागू: ट्रैफिक पुलिस ने कसी कमर, बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने पर GRAP Stage-I लागू। बिना PUC के नहीं मिलेगा ईंधन और पुरानी गाड़ियों पर रहेगी पाबंदी। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़ते ही प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को GRAP Stage-I लागू किए जाने के बाद, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का सख्ती से पालन हो और सीमाओं पर ट्रैफिक का दबाव कम रहे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए रणनीतिक तैनाती की जा रही है। अब उन कमर्शियल वाहनों को राज्य की सीमाओं पर ही डायवर्ट किया जाएगा, जिन्हें दिल्ली के अंदर नहीं जाना है। इसके साथ ही, जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उनके खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा।
नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने आने वाले समय के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक, उन बसों और वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं, हालांकि इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियां इससे मुक्त रहेंगी। सबसे बड़ा झटका उन वाहन मालिकों को लगेगा जो PUC नहीं करवाते, क्योंकि 1 नवंबर से 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू होगी, जिसके तहत बिना सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा, 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पहले से लागू प्रतिबंध जारी रहेगा। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अन्य कदम भी उठाए गए हैं:
- 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त नियम।
- खाने-पीने की दुकानों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी।
- डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध।
जनता को निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 22 अक्टूबर से कार्यदिवसों (weekdays) में 20 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। वहीं, पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सर्दियों की आहट के बीच हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने 11 सूत्रीय योजना के तहत करीब 30 एजेंसियों को तैनात किया है।