दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण: ट्रैफिक पुलिस ने GRAP गाइडलाइन्स मानने की अपील की

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए GRAP नियमों का पालन करने की अपील की है। जानें क्या हैं स्टेज 1 के नियम।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण: ट्रैफिक पुलिस ने GRAP गाइडलाइन्स मानने की अपील की

राजधानी दिल्ली में हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से एक खास अपील की है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए GRAP guidelines Delhi का सख्ती से पालन करें। पुलिस का मानना है कि पर्यावरण की सेहत सुधारने में व्यक्तिगत स्तर पर लिए गए छोटे फैसले बड़ा बदलाव ला सकते हैं। किसी भी सहायता या जानकारी के लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 1095 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

बता दें कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली NCR में GRAP के स्टेज 1 को लागू करने का फैसला लिया था। यह कदम तब उठाया गया जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 तक पहुंच गया था। वर्तमान में स्टेज 1 के तहत कई कड़े नियम लागू हैं, जिनका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।

क्या हैं स्टेज 1 के मुख्य नियम और पाबंदियां?

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प्रशासन द्वारा लागू किए गए इन प्रोटोकॉल्स के तहत अब निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

  • वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट की गहन जांच की जाएगी।
  • धूल के स्तर को कम करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं।
  • डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर सीमाएं तय की गई हैं।
  • व्यावसायिक भोजनालयों और तंदूरों में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक है।
  • लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह दिल्ली का समग्र AQI 164 से 187 के बीच रहा, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। जहांगीरपुरी में AQI 251, विवेक विहार में 240, आर.के. पुरम में 233 और पंजाबी बाग में 229 दर्ज किया गया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रह सकती है। शहर के 55 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से अधिकांश जगहों पर PM2.5 मुख्य प्रदूषक के रूप में पाया गया है।

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