GRAP की सख्ती: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जांची 7,279 गाड़ियां, सैकड़ों को लौटाया
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP नियमों के तहत 7,279 वाहनों की जांच की और 714 को वापस लौटाया। प्रदूषण रोकने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और गिरते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में 1 नवंबर को पुलिस ने शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके तहत कुल 7,279 वाहनों की जांच की गई।
ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 714 वाहनों को वापस लौटा दिया गया, जबकि 38 वाहनों को जब्त (impound) किया गया। इसके अलावा 10 वाहनों के चालान भी काटे गए। यह पूरी कार्रवाई रात 12 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक की गई, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम कसी जा सके।
NCR के जिलों के साथ मिलाया हाथ, प्रदूषण पर प्रहार
सिर्फ चेकिंग ही नहीं, बल्कि इस पूरी रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पड़ोसी जिलों के अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक भी की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम न लगे और केवल वही बसें या वाहन शहर में प्रवेश करें जो उत्सर्जन मानकों (emission standards) को पूरा करते हों।
बता दें कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की थी। इस बैठक में तय किया गया कि ओवरएज पेट्रोल और डीजल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दिल्ली के लिए न आने वाले ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ मोड़ा जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार अब मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और पानी के छिड़काव जैसे उपायों को भी तेज कर रही है। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया, रेडियो और प्रिंट मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण को लागू कर दिया था।