दिल्ली में GRAP-1 लागू: बाहरी कॉमर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक, ट्रैफिक पुलिस होगी सख्त
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-1 लागू किया गया है। ट्रैफिक पुलिस अब बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों और बाहरी कॉमर्शियल गाड़ियों पर सख्ती करेगी।

राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गिरने के बाद अब प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शहर में दिल्ली GRAP-1 ट्रैफिक नियम और उपायों को लागू कर दिया गया है। इस दिशा में कदम उठाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अंतर-राज्य समन्वय बैठक की, जिसमें प्रदूषण कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कड़े इंतजामों पर चर्चा की गई।
ट्रैफिक पुलिस की इस योजना के तहत अब उन कॉमर्शियल वाहनों को दिल्ली की सीमाओं पर ही डाइवर्ट कर दिया जाएगा, जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है। इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों (PUCC) की गहन जांच करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने सड़क की धूल और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं।
बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की एडिशनल कमिश्नर (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस भीड़भाड़ कम करने के लिए उचित तैनाती करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन वाहनों के प्रदूषण सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुके हैं, उनके खिलाफ आने वाले समय में कार्रवाई और तेज की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने साथ वैध PUC सर्टिफिकेट जरूर रखें और पर्यावरण की बेहतरी के लिए सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का अधिक से अधिक उपयोग करें।
यह सारी सख्ती तब की जा रही है जब दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 226 दर्ज किया गया। वहीं, जहांगीरपुरी और चांदनी चौक जैसे इलाकों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां AQI 300 के पार (Very Poor) पहुंच गया है। आनंद विहार, रोहिणी और आईटीओ जैसे क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है।