दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और Google Maps की बड़ी साझेदारी, अब सफर होगा सुरक्षित

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए Google Maps के साथ मिलकर रियल-टाइम एक्सीडेंट हॉटस्पॉट अलर्ट शुरू किए हैं। इस पहल का उद्देश्य ड्राइवर्स की जागरूकता बढ़ाना, सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देना और सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। ट्रैफिक हेडक्वार्टर के DCP शिव केसरी सिंह ने यात्रियों को समय पर जानकारी देने और सड़क पर उनकी सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य पर जोर दिया है।
व्हाट्सएप ग्रुप और ब्लैक स्पॉट की परिभाषा
ट्रैफिक के Additional CP दिनेश कुमार गुप्ता ने Google के भारतीय मैपिंग पार्टनर Lepton के साथ इस साझेदारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक पुलिस और नेविगेशन प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैफिक एडवाइजरी की तुरंत जानकारी के लिए विशेष WhatsApp ग्रुप बनाए गए हैं। एक 'ब्लैक स्पॉट' उसे कहा जाता है जहां सड़क के दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में बार-बार कई हादसे होते हैं। सड़क निर्माण एजेंसियां भी इन खतरनाक जगहों पर पाई जाने वाली इंजीनियरिंग कमियों को दूर करने में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।
साल 2025-2026 के आंकड़े और अन्य शहर
यह अलर्ट फीचर साल 2025 में लॉन्च होने की उम्मीद थी, जिसमें शुरुआत में साल 2024 के लिए पहचाने गए 111 ब्लैक स्पॉट की सूची का उपयोग किया गया। इन 111 ब्लैक स्पॉट पर 1,132 हादसे हुए थे जिनमें 483 मौतें हुईं। जुलाई 2025 तक 25 नए ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई, जिनसे 176 हादसे और 88 मौतें हुईं। साल 2024 के प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आज़ादपुर सब्ज़ी मंडी (जी.टी. करनाल रोड), अक्षरधाम मंदिर (NH-24), भलस्वा चौक (आउटर रिंग रोड), ISBT कश्मीरी गेट और SGT नगर शामिल हैं। नवंबर 2025 तक Google Maps ने एंड्रॉइड यूजर्स के लिए गुरुग्राम, साइबरराबाद, चंडीगढ़ और फरीदाबाद में एक्सीडेंट-प्रोन एरिया अलर्ट और स्पीड लिमिट की सुविधा शुरू कर दी थी। जून 2026 तक मैपिंग एप्लीकेशन में रियल-टाइम ट्रैफिक प्रतिबंध, रोड क्लोजर और डायवर्जन को जोड़ने के लिए लगातार सहयोग जारी है।