फर्जी नो एंट्री परमिट का खेल: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 3 लोगों पर दर्ज की FIR
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने फर्जी नो एंट्री परमिट के साथ चल रहे कमर्शियल वाहनों को पकड़ा और तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लागू GRAP-1 के बीच ट्रैफिक पुलिस ने जालसाजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (नदर्न रेंज) ने एक विशेष अभियान के दौरान तीन ऐसे कमर्शियल वाहनों को पकड़ा, जो फर्जी 'नो एंट्री परमिशन' (NEP) के सहारे शहर में दौड़ रहे थे। इस धोखाधड़ी के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।
यह पूरी कार्रवाई 27 अक्टूबर 2026 को की गई, जब पुलिस की टीम ने सड़कों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इन वाहनों के पास मौजूद परमिट पूरी तरह फर्जी थे। इस मामले में विक्रम, संतोष और गौरव कुमार नाम के तीन व्यक्तियों की पहचान हुई है, जिन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ अलीपुर और समयपुर बादली पुलिस स्टेशनों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी (ट्रैफिक), नदर्न रेंज डॉ. सचिन कुमार सिंघल ने इस पूरे अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जाली परमिट का उपयोग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए 21 अक्टूबर 2026 से GRAP-I के नियम लागू हैं, ताकि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और भारी वाहनों की अनधिकृत आवाजाही को रोका जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने सभी कमर्शियल वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि वे केवल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही नो एंट्री परमिट प्राप्त करें। ऐसा न करने पर वाहन जब्त होने, ब्लैकलिस्ट होने और आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।