दिल्ली में GRAP स्टेज-2 लागू: ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, PUC सर्टिफिकेट के बिना नहीं चलेंगे वाहन
दिल्ली में AQI 324 पहुंचने पर GRAP स्टेज-2 लागू। ट्रैफिक पुलिस करेगी PUC और BS-VI मानकों की जांच, मेट्रो फेरे बढ़ाए गए।

राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 324 के स्तर पर पहुँचकर 'बेहद खराब' श्रेणी में आने के बाद, प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली GRAP स्टेज-2 नियम लागू कर दिए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर 2026 को इन प्रतिबंधों को लागू करने का आदेश दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब सड़कों पर उतरकर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कसेगी, ताकि शहर में धुंध और प्रदूषण के असर को कम किया जा सके।
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब वाहन चालकों को अपने वाहनों के उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। सबसे जरूरी बात यह है कि सभी वाहन मालिकों के पास वैध 'प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र' (PUC) होना अनिवार्य है। अगर आपका PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या वाहन मानक पूरा नहीं करता, तो आपको भारी जुर्माने या कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम
शहर में प्रदूषण कम करने के लिए केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि अन्य विभाग भी सक्रिय हो गए हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
- वाहनों की एंट्री पर रोक: 1 नवंबर 2026 से ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत उन पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक है जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते। हालांकि, इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI वाहनों को इससे छूट दी गई है।
- मेट्रो सेवाओं में विस्तार: निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने अपनी फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी है और कामकाजी दिनों में 40 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।
- पार्किंग शुल्क में वृद्धि: लोगों को निजी गाड़ियों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ा दी गई है।
- औद्योगिक और निर्माण नियंत्रण: निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, रेस्टोरेंट्स में कोयले और लकड़ियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- सफाई अभियान: सड़कों की धूल साफ करने के लिए मशीनाइज्ड स्वीपिंग और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
NCR के सरकारी और नगर निगम कार्यालयों को भी सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों के लिए 'स्टैगर्ड वर्किंग आवर्स' (अलग-अलग समय पर ऑफिस आना-जाना) अपनाएं ताकि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम रहे। फिलहाल स्कूलों या कॉलेजों को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है, लेकिन प्रशासन ने जनता से आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति या ट्रैफिक संबंधी जानकारी के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1095 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।