दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समझाया ई-चालान सिस्टम, लोक अदालत की तारीख घोषित

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समझाया ई-चालान सिस्टम, लोक अदालत की तारीख घोषित

अगर आप दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालान सिस्टम को लेकर एक विस्तृत गाइड जारी की है, ताकि वाहन चालकों को यह समझ आ सके कि उनके नोटिस में लिखे उल्लंघन का असल मतलब क्या है और उन्हें भुगतान कैसे करना है। इस पहल का मकसद मोटर वाहन अधिनियम, 2019 के तहत लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।

पुलिस के मुताबिक, ई-चालान एक डिजिटल रिकॉर्ड होता है जिसमें चालान नंबर, गाड़ी की डिटेल, घटना का समय, सटीक जगह और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराएं लिखी होती हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर आपने ओवरस्पीडिंग की है तो धारा 183, खतरनाक ड्राइविंग के लिए 184, हेलमेट न पहनने पर 194D और सीटबेल्ट न लगाने पर 194B के तहत चालान काटा जाता है।

भुगतान की समय सीमा और लोक अदालत का मौका

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ई-चालान भेजने की प्रक्रिया अब काफी तेज हो गई है। यदि आपका मोबाइल नंबर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से लिंक है, तो चालान 3 दिन के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से मिल जाता है, जबकि अन्य मामलों में फिजिकल नोटिस पहुंचने में 15 दिन तक का समय लग सकता है।

नियमों के अनुसार, चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर आप उसका भुगतान कर सकते हैं या उसे चुनौती दे सकते हैं। अगर इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो नोटिस को स्वीकार माना जाएगा और उसके बाद अगले 30 दिनों में भुगतान करना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब ऑन-द-स्पॉट चालान में गाड़ी, उल्लंघनकर्ता और अधिकारी की फोटो होना जरूरी कर दिया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नेशनल लोक अदालत की नई तारीख का ऐलान किया है। यह अब 25 अक्टूबर, 2026 को आयोजित की जाएगी। इसमें 31 मार्च, 2026 तक जारी किए गए उन ट्रैफिक उल्लंघनों का निपटारा किया जा सकेगा जो 'कंपाउंडेबल' (समझौता योग्य) हैं।

लोक अदालत से जुड़ी मुख्य बातें:

  • टोकन डाउनलोड करने की अवधि: 19 अक्टूबर से 24 अक्टूबर, 2026 तक।
  • टोकन की कुल सीमा: पूरे दिल्ली में अधिकतम 2 लाख टोकन।
  • प्रतिदिन की सीमा: 50,000 चालान।
  • प्रमुख कोर्ट कॉम्प्लेक्स: तीस हजारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू।

हालांकि, ध्यान रहे कि शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk Driving) जैसे गंभीर और गैर-कंपाउंडेबल अपराधों का निपटारा इस लोक अदालत के जरिए नहीं किया जा सकेगा।

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