बारापुला फेज 3 पर लगा भीषण जाम, दिल्ली में ट्रैफिक सुधार के लिए ITMS प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
बारापुला फेज 3 पर लगा भीषण जाम, दिल्ली में ट्रैफिक सुधार के लिए ITMS प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

दिल्ली के मयूर विहार से सराय काले खां को जोड़ने वाला बारापुला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर, जो हाल ही में 29 सितंबर 2026 को खुला था, अब ट्रैफिक जाम का बड़ा केंद्र बन गया है। 1 और 2 अक्टूबर को यहां लगे भारी जाम के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3 अक्टूबर को वरिष्ठ नौकरशाहों और संबंधित विभागों के साथ आपातकालीन बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे की उन खामियों को दूर करना है, जिनकी वजह से लोग सड़कों पर घंटों फंसे रह रहे हैं।

जांच में एक बड़ी डिजाइन गलती सामने आई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी ने ड्रोन सर्वे के जरिए पाया कि सराय काले खां के पास सनडायल पार्क लूप पर यह तीन लेन का कॉरिडोर अचानक सिमटकर दो लेन का हो जाता है। इसी 'बॉटलनेक' की वजह से गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के जवान मौके पर तैनात होकर मैन्युअल तरीके से ट्रैफिक नियंत्रित कर रहे हैं, जबकि अधिकारी इन पॉइंट्स पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने और डिजाइन बदलने पर विचार कर रहे हैं।

AI और स्मार्ट कैमरों से सुधरेगा दिल्ली का ट्रैफिक

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एक तरफ जहां बारापुला की समस्या से निपटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 1,789.52 करोड़ रुपये के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को दिल्ली पुलिस लागू करेगी, जिससे शहर के 42 प्रमुख कॉरिडोर का प्रबंधन बेहतर होगा।

इस हाई-टेक सिस्टम की खास बातें निम्नलिखित हैं:

  • AI आधारित सिग्नल: शहर में 1,092 एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाए जाएंगे जो ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से खुद समय बदलेंगे।
  • ऑटोमेटेड चालान: 1,029 ऑटोमेटेड प्रवर्तन तंत्र लगाए जाएंगे, जिससे रेड लाइट जंप करने और ओवरस्पीडिंग जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होगी।
  • इमरजेंसी ग्रीन कॉरिडोर: एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' की सुविधा मिलेगी।
  • रियल टाइम अपडेट: डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड (VMS) के जरिए यात्रियों को ट्रैफिक की ताजा स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी।

यह पूरा प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त कमिश्नर डी के गुप्ता ने फिलहाल लोगों से अपील की है कि वे जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके।

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