भारी बारिश और राजनीतिक प्रदर्शनों ने रोकी दिल्ली की रफ्तार, सड़कों पर लगा लंबा जाम

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को आम जनता के लिए सफर बेहद मुश्किल भरा रहा। एक तरफ आसमान से बरसती भारी बारिश ने शहर की सड़कों को तालाब बना दिया, तो दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर हुए राजनीतिक प्रदर्शनों ने ट्रैफिक की कमर तोड़ दी। इन दोनों परिस्थितियों ने मिलकर दिल्ली के ट्रैफिक को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव देखा गया, जिसने वाहनों की रफ्तार को धीमा कर दिया। इसी बीच, भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक समूहों द्वारा आयोजित गतिविधियों ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। विशेष रूप से इंडिया गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाले गए मार्च और सीजेपी (CJP) के प्रदर्शनों के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बेहद सीमित हो गई।
मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी और ट्रैफिक डायवर्जन
स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार देर रात ही एडवाइजरी जारी कर दी थी, जिसके बाद सोमवार सुबह 6:00 बजे से ही बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू कर दिए गए। शहर के प्रमुख इलाकों, खासकर धौला कुआं में भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
सड़कों के साथ-साथ मेट्रो यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनों के प्रभाव और मौसम की मार के कारण सुबह से लेकर देर शाम तक परिचालन प्रभावित रहा। मध्य दिल्ली के निवासियों और वहां से गुजरने वाले यात्रियों ने भारी देरी की शिकायत की, क्योंकि प्रशासन बारिश से 인한 बाढ़ और सार्वजनिक प्रदर्शनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा था।