दिल्ली में ट्रैफिक जाम और पुरानी डीटीसी बसों की समस्या से बढ़ी परेशानी

Kittu Kumari30 September 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में ट्रैफिक जाम और पुरानी डीटीसी बसों की समस्या से बढ़ी परेशानी

दिल्ली में खराब और पुरानी डीटीसी बसों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डेटा के अनुसार 17 सितंबर 2026 तक इस साल वाहन खराब होने के 468 मामले सामने आ चुके हैं। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार ऐसे मामलों में कमी आई है, जैसे 2024 में 1,190 और 2025 में 845 मामले थे, लेकिन भारी वाहनों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत के कारण जाम साफ करने में दो घंटे से अधिक समय लगता है। इस बारे में अधिक जानकारी यहाँ देखें।

डीटीसी बेड़े की पुरानी बसें और रखरखाव की कमी

दिल्ली परिवहन निगम के पुराने होते बेड़े के कारण सड़क पर वाहन खराब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मार्च 2025 में पेश की गई कैग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2022 तक डीटीसी बेड़े में 656 बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी थीं। रोजाना संचालन में 200 से अधिक बसों में तकनीकी खराबी आती है, जिसे मानसून, जलभराव और खराब सड़कों के कारण और बढ़ावा मिलता है।

कर्मचारियों की हड़ताल और सरकार की कार्रवाई

डीटीसी के संविदा चालकों ने दैनिक वेतन बढ़ाने और अन्य लाभों की मांग को लेकर 16 सितंबर 2026 को हड़ताल शुरू की थी। इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने 25 सितंबर 2026 को एस्मा लागू कर दिया, जिससे छह महीने के लिए हड़ताल प्रतिबंधित हो गई। जनशक्ति की कमी से निपटने के लिए 500 स्थायी कर्मचारियों को निजी बसों के संचालन के लिए तैनात किया गया।

मंत्रालय की बैठक और नए सुरक्षा नियम

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रतिनिधियों से बातचीत की है। वेतन वृद्धि का मामला श्रम विभाग के पास विचाराधीन है। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने सभी बस चालकों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक चिकित्सा किट रखना अनिवार्य कर दिया है तथा सुरक्षा बढ़ाने के लिए अनधिकृत खिड़की की फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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