दिल्ली में ट्रैफिक कैमरों ने काटे 40 लाख चालान, लेकिन जुर्माना भरने वालों की संख्या बेहद कम

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर दिल्ली पुलिस ने सख्ती तो दिखाई है, लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों में ऑटोमेटेड सर्विलांस सिस्टम के जरिए करीब 40 लाख ट्रैफिक चालान काटे गए हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली में हर मिनट औसतन 10 चालान जारी किए जा रहे हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बावजूद दिल्ली ट्रैफिक चालान रिकवरी की दर महज 5 प्रतिशत ही रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि सबसे ज्यादा उल्लंघन 'ओवरस्पीडिंग' यानी तय रफ्तार से तेज गाड़ी चलाने का रहा है। कुल कैमरा-जनरेटेड नोटिसों में से लगभग आधा हिस्सा केवल तेज रफ्तार के कारण जारी किया गया है। डिजिटल नोटिफिकेशन सिस्टम लागू होने के बाद भी लोग जुर्माना भरने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अगर पुराने रिकॉर्ड देखें तो 2021 से सितंबर 2026 के बीच जारी किए गए कुल ट्रैफिक नोटिसों में से करीब 79 प्रतिशत चालान अब भी बकाया हैं।
बकाया चालानों का अंबार और नया सिस्टम
28 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कैमरों द्वारा जारी किए गए कुल 4.5 करोड़ नोटिसों में से 3.4 करोड़ अब भी अनसुलझे हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को आधुनिक बनाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 17.9 अरब रुपये के 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर किया जाएगा ताकि निगरानी और प्रवर्तन को और बेहतर बनाया जा सके।
वहीं, कानूनी विवादों वाले चालानों के मामले में दिल्ली सरकार ने एक राहत दी है। कानूनी संघों के विरोध के बाद, विवादित चालानों के लिए 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान की अनिवार्यता को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।
जिन लोगों के चालान बकाया हैं, उनके लिए एक सुनहरा मौका आने वाला है। 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में मोटर वाहन चालक अपने लंबित मामलों का निपटारा कर सकते हैं।