दिल्ली में 25 अक्टूबर को नेशनल लोक अदालत, निपटेंगे 2 लाख ट्रैफिक चालान

अगर आपके पास भी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लंबित चालान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर 25 अक्टूबर 2026 को एक नेशनल लोक अदालत का आयोजन करने जा रहे हैं। इस विशेष अभियान का मकसद करीब 2 लाख कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालानों का निपटारा करना है। यह अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, ताकि वाहन मालिक अपने पुराने चालानों से छुटकारा पा सकें।
यह लोक अदालत दिल्ली के सात प्रमुख जिला कोर्ट परिसरों में आयोजित की जाएगी। इनमें तीस हजारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट शामिल हैं। गौरतलब है कि यह आयोजन पहले 12 सितंबर को होना था, लेकिन ब्रिक्स समिट की सुरक्षा व्यवस्था के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
कैसे लें अपॉइंटमेंट और कौन से चालान होंगे मान्य?
इस लोक अदालत में हिस्सा लेने के लिए आपको सीधे कोर्ट जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन मालिकों को 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लोक अदालत पोर्टल से अनिवार्य अपॉइंटमेंट स्लिप डाउनलोड करनी होगी। पोर्टल पर प्रतिदिन 50,000 स्लिप डाउनलोड करने की सीमा तय की गई है और कुल 2 लाख चालानों तक ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।
किन चालानों पर मिलेगी राहत:
- 30 जून 2026 तक वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर लंबित कंपाउंडेबल अपराध।
- ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, हेलमेट या सीटबेल्ट न पहनने और प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) से जुड़े उल्लंघन।
कौन से केस शामिल नहीं हैं:
ध्यान रहे कि गंभीर अपराधों जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाना, हिट-एंड-रन केस, खतरनाक ड्राइविंग या जिनमें FIR दर्ज है, उन्हें इस लोक अदालत के दायरे से बाहर रखा गया है।
जरूरी दस्तावेज:
अदालत में जाते समय आपको अपनी प्रिंटेड अपॉइंटमेंट स्लिप, ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वैध बीमा पॉलिसी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) और आधार कार्ड जैसा पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। हालांकि, जुर्माने में कितनी कटौती होगी या मामला कैसे सुलझेगा, इसका अंतिम निर्णय presiding मजिस्ट्रेट के हाथ में होगा।