दिल्ली में प्रदर्शनों से व्यापार ठप, व्यापारियों ने उठाई विरोध स्थल शहर से बाहर करने की मांग

दिल्ली के व्यापारियों ने प्रदर्शन स्थलों को शहर के बाहर ले जाने की मांग करते हुए याचिका शुरू की है, ताकि व्यापार और कमाई पर असर न पड़े।

Kittu Kumari25 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदर्शनों से व्यापार ठप, व्यापारियों ने उठाई विरोध स्थल शहर से बाहर करने की मांग

देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले लगातार प्रदर्शनों ने अब व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। व्यापारिक गतिविधियों में आ रही भारी गिरावट और ग्राहकों की घटती संख्या को देखते हुए दिल्ली व्यापारियों की याचिका शुरू की गई है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने मांग की है कि विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थलों को शहर के मुख्य केंद्रों से हटाकर बाहरी इलाकों में ले जाया जाए।

व्यापारियों का कहना है कि राजधानी में होने वाले प्रदर्शनों की वजह से न केवल ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि माल की ढुलाई और दैनिक लॉजिस्टिक्स में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं। CAIT के दिल्ली राज्य अध्यक्ष विपिन आहूजा, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुमित अग्रवाल और राज्य महासचिव आशीष ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन यह किसी की रोजी-रोटी छीनने का कारण नहीं बनना चाहिए। खासकर त्योहारों के सीजन में छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और दिहाड़ी मजदूरों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ता है।

करोड़ों के नुकसान का दावा और आगामी रणनीति

इस समस्या की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि व्यापारियों के अनुसार, प्रदर्शनों के कारण रोजाना लगभग 400 करोड़ रुपये के लेनदेन का जोखिम बना रहता है। दावा किया गया है कि महज 10 दिनों के व्यवधान से कुल 4,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। यहाँ तक कि 10 अक्टूबर को हुए एक दिन के प्रदर्शन से ही करीब 2,000 करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

इस मुहिम में चांदनी चौक ट्रेडर्स परिषद के सुरेश बिंदल, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के संजीव मेहरा और किराना कमेटी के गंगा बिशन गुप्ता जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। साथ ही, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और भाजपा नेताओं ने भी इस बात का समर्थन किया है कि व्यावसायिक केंद्रों में प्रदर्शन होने से राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों को चोट पहुँच रही है। अपनी रणनीति को और मजबूत करने के लिए सभी संबंधित संगठन 26 अक्टूबर 2026 को एक ऑनलाइन बैठक करेंगे, ताकि इस मुद्दे पर एक साझा समाधान निकाला जा सके।

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