त्योहारों पर प्रदर्शनों से कारोबार ठप, भारी नुकसान के बाद दिल्ली के व्यापारियों ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

देश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में इन दिनों सन्नाटा पसरा है। नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के समय होने वाले प्रदर्शनों ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। कारोबार में भारी गिरावट और ग्राहकों की कमी से परेशान होकर दिल्ली के व्यापारियों ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है। व्यापारियों का कहना है कि जब साल का सबसे बड़ा बिजनेस सीजन होता है, तब प्रदर्शनों के कारण उनकी कमाई पूरी तरह ठप हो जाती है।
दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव आशीष ग्रोवर ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर अदालत में याचिका दायर की है, जिस पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। व्यापारियों का तर्क है कि चांदनी चौक और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त बाजारों में प्रदर्शनों के कारण देशभर से आने वाले रिटेल खरीदार और व्यापारी नहीं पहुंच पा रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, इन प्रदर्शनों की वजह से रोजाना करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का व्यापारिक नुकसान हो रहा है।
व्यापारियों का दर्द: 75% कमाई इसी सीजन से होती है
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि प्रदर्शनों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में निर्धारित स्थान होने चाहिए, न कि मुख्य बाजारों के बीच में। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के उपाध्यक्ष राहुल अदलाखा ने कहा कि पिछले 15 दिनों से कारोबार पूरी तरह ठप है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर दिल्ली में बिजनेस रुकता है, तो इसका असर पूरे देश की सप्लाई चेन पर पड़ता है।
विभिन्न ट्रेड एसोसिएशनों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके लिए यह समय साल का सबसे महत्वपूर्ण होता है। दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के मुताबिक, रक्षाबंधन से दिवाली तक का समय उनके लिए सबसे अहम है, क्योंकि उनकी साल की करीब 75% कमाई इसी दौरान होती है। वहीं, फोटो मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार सेठी ने कहा कि पहले से ही बाजार में मंदी है और ऐसे प्रदर्शनों ने स्थिति को और बदतर कर दिया है।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए जाएं ताकि व्यावसायिक क्षेत्रों में शांति बनी रहे और कारोबार प्रभावित न हो।