दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का कहर, दिवाली तक व्यापारियों को 10,000 करोड़ के नुकसान की आशंका

राजधानी दिल्ली के कारोबारी इन दिनों भारी तनाव और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शहर में पिछले कुछ समय से जारी विरोध प्रदर्शनों ने व्यापार की कमर तोड़ दी है। व्यापारियों का दावा है कि अक्टूबर की शुरुआत से अब तक करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और अगर हालात नहीं सुधरे, तो दिवाली तक यह आंकड़ा 10,000 करोड़ रुपये तक जा सकता है।
चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि सड़क जाम, सेंट्रल दिल्ली में पाबंदियों और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की वजह से व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। इसका सबसे बुरा असर सदर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली और चावड़ी बाजार जैसे प्रमुख कमर्शियल हब पर पड़ा है, जहाँ ग्राहकों और माल की आवाजाही लगभग बंद हो गई है।
सेक्टरवार नुकसान का ब्यौरा और मांगें
व्यापारिक संगठनों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रिटेल ट्रेड को सबसे ज्यादा 1,800 करोड़ रुपये की चपत लगी है। वहीं, थोक व्यापार और बाहरी खरीदारों के कारण 600 करोड़, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 300 करोड़ और ट्रांसपोर्ट व टूरिज्म इंडस्ट्री में 180 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अनौपचारिक क्षेत्र (Informal Sector) को भी 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव आशीष ग्रोवर के मुताबिक, थोक बाजारों को रोजाना करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए CTI, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन और ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि त्योहारों के सीजन में मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों में बड़े प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने सरकार से राहत पैकेज और प्रदर्शनकारियों से मुआवजे की मांग की है।
वहीं, दिल्ली किराना कमेटी और आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने व्यापारियों की मुश्किलों को स्वीकार करते हुए संकेत दिया है कि मुआवजे के मामले को सिविल कानून के तहत देखा जा सकता है।
बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा अभिजीत डिपके के नेतृत्व में किए जा रहे हैं, जिनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की जांच को लेकर है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने धारा 163 लागू की है, जिसके तहत 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। प्रदर्शनकारियों को अब रामलीला मैदान, शाहदरा के CBD ग्राउंड और बुराड़ी ग्राउंड जैसे निर्धारित स्थानों पर जाने को कहा गया है।