त्योहारों पर प्रदर्शनों से व्यापार चौपट, दिल्ली के व्यापारियों ने पीएम मोदी से लगाई रोक की गुहार

दिल्ली के व्यापारियों ने त्योहारों के सीजन में होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक पत्र लिखकर मांग की है कि नवरात्रि से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक और बाजार क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदर्शनों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। व्यापारियों का कहना है कि राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों की वजह से उनके कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल और महासचिव गुरमीत अरोरा व रमेश आहूजा ने 9 अक्टूबर 2026 को यह अपील सौंपी। व्यापारियों का दावा है कि हाल ही में हुए प्रदर्शनों और उसके कारण लगे ट्रैफिक जाम की वजह से पिछले तीन दिनों में उनके टर्नओवर में 70% की भारी गिरावट आई है। वर्तमान में व्यापार सामान्य स्तर का केवल 30% ही रह गया है।
ग्राहकों की संख्या में भारी कमी, 15 लाख व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट
व्यापारिक संगठन द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर से आने वाले ग्राहकों की संख्या, जो पहले रोजाना 2 से 3 लाख होती थी, अब घटकर केवल 40,000 से 50,000 रह गई है। इतना ही नहीं, स्थानीय ग्राहकों की आवाजाही में भी 50% से ज्यादा की कमी आई है। व्यापारियों का कहना है कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही नवरात्रि के साथ ही त्योहारों और शादियों का सीजन शुरू हो जाता है, और ऐसे में इन बाधाओं से करीब 15 लाख व्यापारियों की रोजी-रोटी खतरे में है।
दूसरी ओर, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले ही कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब जंतर मंतर पर किसी भी प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले अनुमति लेना अनिवार्य है। साथ ही, सेंट्रल विस्टा क्षेत्र, जिसमें इंडिया गेट, सी-हेक्सागन, मनसिंह रोड, जनपथ और कर्तव्य पथ शामिल हैं, वहां प्रदर्शनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन ने बड़े जमावड़े के लिए रामलीला मैदान (50,000 लोगों तक के लिए) और बुराड़ी ग्राउंड (50,000 से अधिक भीड़ के लिए) जैसे स्थान निर्धारित किए हैं। CTI ने सरकार से आग्रह किया है कि इन बाहरी इलाकों को स्थायी विरोध प्रदर्शन क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि शहर की सुरक्षा, आम जनता की आवाजाही और दैनिक व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।