दिवाली तक प्रदर्शनों पर रोक की मांग: दिल्ली के व्यापारियों ने अमित शाह को लिखा पत्र

देश की राजधानी दिल्ली में त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़नी चाहिए, लेकिन व्यापारियों के लिए यह समय तनाव लेकर आया है। दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों के हितों की बात करने वाले 'चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गुहार लगाई है कि दिवाली तक दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों और विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले इन प्रदर्शनों ने उनके कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी एक पत्र में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित 'लेहरा दो तिरंगा' मार्च का जिक्र किया। व्यापारियों का दावा है कि पिछले तीन दिनों से हो रहे प्रदर्शनों के कारण बाजारों में ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जैसे कोई लॉकडाउन लगा हो, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में करीब 70% की भारी गिरावट आई है।
2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
व्यापारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों और उससे होने वाली अव्यवस्था के कारण अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हो चुका है। CTI ने जोर देकर कहा है कि नवरात्रि, रामलीला और दिवाली का समय साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, क्योंकि इसी दौरान व्यापारियों की साल भर की कमाई का बड़ा हिस्सा तय होता है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि व्यापार बिना किसी रुकावट के चल सके।
गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र लिखा गया था। इसमें व्यापारियों ने सुझाव दिया था कि शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों के बजाय बाहरी इलाकों में प्रदर्शन के लिए एक स्थायी जोन बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसे स्थानों का प्रस्ताव दिया था। इससे पहले 10 अक्टूबर को हुए एक प्रदर्शन के दौरान न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने जोखिमों को देखते हुए कनॉट प्लेस के दुकानदारों को दुकानें बंद रखने की सलाह दी थी।