दिल्ली के पास पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान, नए इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रहा है सफर

दिल्ली की शोर-शराबे वाली जिंदगी और ट्रैफिक से दूर सुकून की तलाश करने वालों के लिए अब सफर काफी आसान हो गया है। नए बुनियादी ढांचे और एक्सप्रेसवे के विस्तार ने दिल्ली के आसपास के खूबसूरत पर्यटन स्थलों तक पहुंच को पहले से कहीं बेहतर बना दिया है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का बढ़ता एक्सप्रेसवे नेटवर्क अब केवल सड़कों का जाल नहीं, बल्कि टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में काम कर रहा है।
खास तौर पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ने एक ऐसा कॉरिडोर तैयार किया है, जिसने जयपुर, रणथंभौर और सरिस्का जैसे विरासत और वन्यजीव स्थलों की यात्रा को बेहद सुगम बना दिया है। अब लोग कम समय में इन खूबसूरत जगहों पर पहुंच पा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को एक नई दिशा मिली है।
सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
सिर्फ बाहरी सफर ही नहीं, बल्कि दिल्ली शहर के भीतर भी पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। हाल ही में आयोजित 'WION आइकॉनिक टूरिज्म समिट एंड अवार्ड्स' के दौरान दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने विरासत स्थलों और पीतमपुरा हाट के विकास के लिए साझेदारी पर जोर दिया। उनका मानना है कि शहर की सभ्यता और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं।
इसी कड़ी में, पुराने किले में 'इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव 2026' का आगाज हुआ, जिसने शास्त्रीय नृत्य के जरिए यमुना के इतिहास और दिल्ली की संस्कृति को जीवंत किया। इसके साथ ही, दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) द्वारका सेक्टर 19 में 'दिल्ली सदन' के निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली की ऐतिहासिक वास्तुकला से प्रेरित होगा और स्टेट गेस्ट हाउस के साथ-साथ एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी काम करेगा।
इन तमाम बदलावों के बीच मसूरी के हिल स्टेशन, ऋषिकेश के आध्यात्मिक केंद्र और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे पसंदीदा ठिकाने आज भी दिल्लीवासियों की पहली पसंद बने हुए हैं, लेकिन अब वहां पहुंचना पहले के मुकाबले कहीं अधिक सरल और सुखद हो गया है।