अमेरिका भेजने के नाम पर ठगी: Dunkey Route केस में दिल्ली का टिकट एजेंट गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति जब्त
ED ने Dunkey Route के जरिए भारतीयों को अवैध रूप से अमेरिका भेजने वाले दिल्ली के एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध तरीके से भारतीयों को अमेरिका भेजने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने दिल्ली स्थित एक टिकटिंग एजेंट तरुण खोसला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस चर्चित 'डंकी रूट' (Dunkey Route) मामले से जुड़ी है, जिसमें फरवरी 2025 में बड़ी संख्या में भारतीयों को अमेरिका से वापस भारत भेज दिया गया था। तरुण खोसला को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया है और कोर्ट ने उसे 30 अक्टूबर तक ED की हिरासत में रखने की मंजूरी दे दी है।
जांच में यह बात सामने आई है कि एजेंट और बिचौलिए लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देते थे, लेकिन असल में उन्हें बेहद खतरनाक रास्तों से ले जाया जाता था। इन लोगों से 30 लाख से 60 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों की सीमाओं को अवैध रूप से पार कराकर अमेरिका पहुंचाया जाता था, जिसमें स्थानीय माफियाओं की मदद ली जाती थी।
तीन अलग-अलग रास्तों का खुलासा और करोड़ों की बरामदगी
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि तरुण खोसला इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था। पंजाब और हरियाणा के एजेंट पासपोर्ट और पैसे इकट्ठा कर दिल्ली में खोसला को सौंपते थे। वह गयना, सूरीनाम, इक्वाडोर और अल साल्वाडोर जैसे देशों के लिए वीजा और टिकट का इंतजाम करता था। जांच के दौरान तीन मुख्य रूट सामने आए हैं:
- रूट A: अल साल्वाडोर से हवाई यात्रा, फिर सड़क मार्ग से मेक्सिको और तिजुआना होते हुए अमेरिका। इसके लिए प्रति व्यक्ति 35-40 लाख रुपये लिए जाते थे।
- रूट B: दुबई या अदीस अबाबा के जरिए गयना, फिर ब्राजील, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा के जंगलों और मेक्सिको होते हुए अमेरिका। इसकी कीमत 25-30 लाख रुपये थी।
- रूट C: यह सबसे लंबा रास्ता था जिसमें गयना से लेकर निकारागुआ, होंडुरास और मेक्सिको जैसे कई देशों को पार कर अमेरिका की सीमा तक पहुंचा जाता था।
इस पूरे मामले में ED ने अब तक बड़ी रिकवरी की है। दिसंबर 2025 में की गई छापेमारी के दौरान खोसला के ठिकानों से 4.62 करोड़ रुपये नकद, करीब 5.9 किलो सोने की ईंटें और सिक्के, और 313 किलो चांदी बरामद की गई, जिसकी कुल कीमत करीब 19.14 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, ED ने 5.41 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति भी कुर्क की है। छापेमारी में 50 से ज्यादा पासपोर्ट, फर्जी इमिग्रेशन स्टैम्प और ट्रांजेक्शन की डायरियां भी मिली हैं।