गड्ढों से मिलेगी राहत: दिल्ली के 15 साल के किशोर ने लॉन्च किया 'प्रोजेक्ट सड़क' AI प्लेटफॉर्म

दिल्ली के एक 15 वर्षीय किशोर पार्थ आनंद ने सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने और गड्ढों की मरम्मत में तेजी लाने के लिए प्रोजेक्ट सड़क एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस अनोखी पहल के पीछे एक दर्दनाक हादसा था। अक्टूबर 2025 में दिल्ली के करोल बाग इलाके में पार्थ के माता-पिता की मोटरसाइकिल एक गहरे गड्ढे की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर फ्रैक्चर हुए और तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा। इस घटना ने पार्थ को झकझोर दिया और उन्होंने महसूस किया कि मौजूदा शिकायत प्रणालियों में गड्ढों की रिपोर्ट करने के बाद कार्रवाई होने में तीन से चार महीने का लंबा समय लग जाता है।
कैसे काम करता है यह AI प्लेटफॉर्म?
पार्थ द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म तकनीक का इस्तेमाल कर यह पहचान करता है कि सड़क के किसी खास हिस्से की मरम्मत के लिए कौन सी सरकारी एजेंसी जिम्मेदार है। इसके बाद शिकायत सीधे संबंधित विभाग को भेजी जाती है और साथ ही फॉलो-अप कार्रवाई का सार्वजनिक रिकॉर्ड भी रखा जाता है। सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर 1,815 रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 220 से ज्यादा दिल्ली और 1,500 से अधिक बेंगलुरु से हैं। अब तक इस प्रोजेक्ट के जरिए 20 से अधिक गड्ढों की सफल मरम्मत कराई गई है। उदाहरण के तौर पर, अप्रैल 2026 में विकासपुरी के दो गड्ढे महज पांच दिनों में ठीक कर दिए गए, जबकि जून 2026 में बेंगलुरु में एक मरम्मत कार्य सिर्फ दो दिनों में पूरा हुआ।
पार्थ केवल रिपोर्टिंग तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ग्रांट फंडिंग का उपयोग कर दिल्ली में स्थानीय मजदूरों को नियुक्त किया और सामग्री खरीदकर खुद भी कुछ गड्ढों को भरवाया।
दूसरी ओर, दिल्ली सरकार भी सड़क बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए सक्रिय दिखी है। दिसंबर 2025 में पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए थे कि एनसीआर के सभी गड्ढों को 72 घंटों के भीतर ठीक किया जाए। इसके बाद जून 2026 में दिल्ली सरकार ने करीब 270 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत के लिए 657 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया। अब ठेकेदारों के लिए पांच साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि तय की गई है, जिसके तहत उन्हें नए गड्ढों को 48 घंटे में भरना होगा। मुख्यमंत्री गुप्ता ने पारदर्शिता के लिए जियो-टैग्ड तस्वीरों के इस्तेमाल पर जोर दिया है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि मानसून की तैयारियों के तहत जून 2026 में एक ही दिन में 2,000 से अधिक गड्ढे भरे गए। इससे पहले जून 2025 में PWD ने एक दिन में 3,433 गड्ढों की मरम्मत कर 'विश्व रिकॉर्ड' बनाने का दावा किया था। इन सड़कों की देखरेख में मुख्य रूप से एमसीडी (MCD), डीडीए (DDA) और पीडब्ल्यूडी (PWD) जैसी एजेंसियां शामिल हैं।