दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण तेजी से फैल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 114 नए मामले सामने आए हैं, जिससे इस साल कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि में दर्ज किए गए 229 मामलों से सात से आठ गुना अधिक है। दिल्ली में H1N1 संक्रमण समेत कुल Influenza-A के मामले 2,392 तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मेडिकल स्टाफ, जिसमें एक सरकारी अस्पताल के प्रमुख भी शामिल हैं, वे भी इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए आप DD News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P. Nadda ने 21 अगस्त 2026 को स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को इन्फ्लूएंजा सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने का निर्देश दिया और लगातार सांस की समस्या से जूझ रहे नागरिकों से तुरंत मेडिकल सलाह लेने की अपील की।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Kumar Singh ने 22 अगस्त 2026 को बयान दिया कि राजधानी इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के बेड, मेडिकल उपकरणों या दवाओं की कोई कमी नहीं है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत Influenza-Like Illness (ILI) और Severe Acute Respiratory Infection (SARI) के मामलों की रोजाना निगरानी कर रहा है।
AIIMS, सफदरजंग, RML और BLK सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस फैलाव का कारण बदलते वायरल स्ट्रेन, ज्यादा नमी, मानसून की बारिश और भीड़भाड़ वाली जगहों पर वेंटिलेशन की कमी है।
डॉक्टरों का कहना है कि दिल, फेफड़े, किडनी की बीमारी, डायबिटीज, कैंसर या कमजोर इम्यूनिटी वाले हाई-रिस्क ग्रुप के लोग इसके प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।
निवासियों को सलाह दी गई है कि वे संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए हाथों की सफाई और मास्क पहनने को प्राथमिकता दें। इस संक्रमण के लक्षणों में बुखार, खांसी, बदन दर्द, ठंड लगना और गंभीर थकान शामिल हैं।