Delhi Swine Flu Cases Surge to 1777 As Union Health Minister Reviews Preparedness

दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों में भारी उछाल आया है और 20 अगस्त 2026 तक कुल मामलों की संख्या 1,777 तक पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल 20 अगस्त को ही 114 नए मामले सामने आए। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने 12 अगस्त 2026 को 1,449 मामलों की जानकारी दी थी, जो 2025 की समान अवधि के दौरान दर्ज 229 मामलों की तुलना में छह गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने 6 अगस्त 2026 को पहले ही बताया था कि इस साल के मामलों की कुल संख्या पिछले साल के कुल आंकड़ों से लगभग छह गुना अधिक है।
दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 21 अगस्त 2026 को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान सर्विलांस मैकेनिज्म, अस्पताल की तैयारियों, टेस्टिंग सुविधाओं की उपलब्धता, दवाओं और अस्पताल के बिस्तरों की समीक्षा की गई।
मरीजों में बढ़ रहे लक्षण और अस्पताल की स्थिति
हालांकि स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने 6 अगस्त 2026 को पुष्टि की थी कि इस साल H1N1 के कारण सरकार द्वारा कोई मौत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन मेडिकल प्रोफेशनल्स मानसून के मौसम के कारण H1N1 और H3N2 दोनों स्ट्रेन सहित इन्फ्लूएंजा और इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों में तेजी देख रहे हैं। अपोलो अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राकेश गुप्ता ने वायरस को व्यापक बताया और कहा कि रोजाना आने वाले 20 OPD मरीजों में से 15 पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। हालांकि अधिकांश मरीज सामान्य देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) जैसी गंभीर जटिलताएं विकसित हो गई हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या और एक्सपर्ट्स की सलाह
AIIMS दिल्ली, राम मनोहर Lohia अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, आकाश हेल्थकेयर, एशियन अस्पताल, साकेत का मैक्स अस्पताल और गुरुग्राम का CK Birla अस्पताल सहित कई हेल्थकेयर फैसिलिटीज में फ्लू से जुड़ी एडमिशन में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि मरीजों को लक्षण शुरू होने के 48 घंटे के भीतर एंटीवायरल ट्रीटमेंट शुरू कर देना चाहिए और हर साल वैक्सीनेशन पर विचार करना चाहिए। पब्लिक हेल्थ गाइडलाइंस में हाथ की साफ-सफाई बनाए रखने, लक्षण दिखने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या त्वचा का रंग बदलने जैसे लक्षणों के लिए तुरंत मेडिकल सहायता लेने पर जोर दिया गया है।