दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में भारी उछाल, सरकार ने अस्पतालों को किया हाई अलर्ट

दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी में 26 अगस्त 2026 तक कुल 2,446 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान वायरस के 138 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। फ्लू के कुल आंकड़ों के अनुसार 3,177 कुल इन्फ्लूएंजा-ए के मामले हैं। स्थानीय स्वास्थ्य रिपोर्टों में 2,308 स्वाइन फ्लू, 154 एच3एन2, 554 इन्फ्लूएंजा-ए और 225 इन्फ्लूएंजा-बी के मरीज शामिल हैं (स्रोत: दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन)।
अस्पतालों के लिए कड़े निर्देश और बेड की व्यवस्था
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। छोटे अस्पतालों को कम से कम पांच आइसोलेशन बेड और बड़े अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा तथा वेक्टर जनित रोगों के प्रबंधन के लिए 10 या अधिक बेड उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आपातकालीन विभागों में समर्पित 'फ्लू कॉर्नर' बनाने और डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और स्टाफ या दवाओं की कोई कमी नहीं है।
विशेषज्ञों की सलाह और सावधानियां
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इस स्थिति पर चिंता जताई है लेकिन जनता से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि एच1एन1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है और यह एक मौसमी घटना है। अधिकारियों ने नागरिकों को बार-बार हाथ धोने और खांसते या छींकते समय टिश्यू का उपयोग करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने एंटीबायोटिक्स या ओसेलटामिविर जैसी एंटीवायरल दवाओं का खुद से सेवन करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है।