त्योहारों से पहले दिल्ली की मिठाई दुकानों पर छापेमारी, भारी गंदगी देख अधिकारी हैरान

त्योहारों के सीजन में जब लोग मिठाइयों की जमकर खरीदारी करते हैं, उसी बीच दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी की कई मशहूर मिठाई दुकानों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में औचक निरीक्षण किया है। इस कार्रवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को मिलावटी या असुरक्षित भोजन न मिले। जांच के दौरान कई दुकानों में साफ-सफाई और हाइजीन के मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं, जिसके बाद विभाग ने बड़ी संख्या में सैंपल जब्त किए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और सभी को सुरक्षित व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
इन बड़ी दुकानों में मिलीं गंभीर खामियां
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने जब अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की, तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। ओखला फेज-II स्थित 'एवरग्रीन स्वीट हाउस' के स्टोरेज एरिया में कीड़े-मकोड़े पाए गए और कर्मचारी बिना ग्लव्स के काम करते मिले। वहीं, चांदनी चौक की मशहूर दुकान 'भीखराम चंदमाल' और 'चैना राम सिंधी हलवाई' में भी स्वच्छता संबंधी कमियां पाई गईं, जहां से खोया और रसभरी के सैंपल लिए गए।
नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में 'अमन मिठाईवाला' की दो यूनिट्स नियमों का पालन नहीं करती मिलीं। इसके अलावा, बदली इंडस्ट्रियल एरिया की 'पुरी बेकर' और 'बंसीवाला स्वीट्स' में FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित नहीं थे और कर्मचारियों को जरूरी ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। नरायणा स्थित 'ग्रोवर स्वीट कॉर्नर' में खुले डस्टबिन और खिड़कियों पर जाली न होने जैसी लापरवाही देखी गई, जबकि 'मीठी फूड्स' में चिमनियों पर मकड़ी के जाले मिले।
आईपी एक्सटेंशन की 'सिंगला स्वीट्स' में छत से पपड़ी झड़ रही थी और एग्जॉस्ट सिस्टम काफी चिपचिपा पाया गया। विभाग ने इन सभी जगहों से केसर रसभरी, आलू भुजिया, घी, पालक बूंदी, बर्फी, मिल्क केक, काजू बाइट और पेड़ा जैसे विभिन्न उत्पादों के सैंपल लिए हैं।
इन सैंपल्स को अब लैब में जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि इन दुकानों के खिलाफ क्या सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि खाद्य व्यवसाय संचालकों को स्वच्छता, स्टोरेज और स्टाफ ट्रेनिंग के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, वरना उन्हें भारी जुर्माने या लाइसेंस रद्द होने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।