दिल्ली में सरकार ने शुरू की 35 रुपये किलो में प्याज की बिक्री, तुरंत जानें पूरी खबर

दिल्ली में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 27 अगस्त 2026 को बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से रियायती प्याज की खुदरा बिक्री का आधिकारिक शुभारंभ किया है। बाजार में प्याज की कीमतें हाल ही में 55 रुपये से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं, जिन्हें स्थिर करने के लिए यह पहल की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और फिलहाल निर्यात प्रतिबंध लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की विज्ञप्ति में दी गई है।
कहाँ और कैसे मिल रहा है सस्ता प्याज
यह वितरण पहल नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED), नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF), केंद्रीय भंडार और मदर डेयरी के आउटलेट्स के माध्यम से की जा रही है। दिल्ली में बिक्री के लिए कुल 40 शुरुआती स्थान तय किए गए हैं, जहाँ मोबाइल वैन और खुदरा दुकानों का उपयोग किया जा रहा है। एनसीसीएफ (NCCF) ने 15 मोबाइल वैन तैनात की हैं और इसे जल्द ही बढ़ाकर 40 करने की योजना है। इसके अलावा, प्याज को 100 केंद्रीय भंडार स्टोर और 300 मदर डेयरी आउटलेट्स के जरिए भी बेचा जाएगा।
बफर स्टॉक और परिवहन व्यवस्था
इस योजना के लिए आपूर्ति 1.21 लाख टन के केंद्रीय बफर स्टॉक से की जा रही है। निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार महाराष्ट्र के लासलगाँव और नासिक से राजधानी तक प्याज पहुँचाने के लिए 'कंदा एक्सप्रेस' विशेष मालगाड़ियों का उपयोग कर रही है। शुरुआती परिवहन में 800 टन तक की भारी खेप शामिल थी। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि 1.20 लाख टन बफर स्टॉक में से लगभग 36,000 टन प्याज बेमौसम बारिश के कारण अंकुरित होने और सड़ने से खराब हो चुका है।
भंडारण पर नजर और आगे का विस्तार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 अगस्त 2026 को पुष्टि की थी कि राज्य सरकार आपूर्ति स्तर पर नजर रख रही है और जमाखोरी रोकने के लिए नेफेड (NAFED) के साथ तालमेल बिठा रही है। यह रियायती बिक्री आने वाले सप्ताहांत तक नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित व्यापक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी विस्तारित होने वाली है। दिल्ली के अलावा, सरकार चेन्नई, मदुरै, गुवाहाटी, एर्नाकुलम, चंडीगढ़, लुधियाना और वाराणसी सहित अन्य प्रमुख शहरों में भी रेल-आधारित आपूर्ति संचालन का विस्तार करने की योजना बना रही है।