Delhi Student Protest: प्रदर्शन के दौरान छात्रा की जान बचाई, RML अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। 20 से 22 जुलाई 2026 के बीच हुए प्रदर्शनों के दौरान, घटना स्थल पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते CPR देकर एक छात्रा की जान बचाई। इस घटना की हर तरफ तारीफ हो रही है।
- 21 वर्षीय छात्रा साक्षी की जान बचाई गई
- RML अस्पताल में साक्षी का इलाज जारी
- NEET पेपर लीक और इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन
- 118 पुलिसकर्मी घायल, 100 से ज्यादा हिरासत में
कैसे बची छात्रा की जान?
20 जुलाई 2026 को 'पार्लियामेंट मार्च' के दौरान 21 साल की छात्रा साक्षी भीड़ में गिर गई और उसे सांस लेने में दिक्कत (asphyxiation) होने लगी। मौके पर मौजूद स्टाफ ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए छात्रा को CPR दिया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद उसे तुरंत राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। 22 जुलाई तक उसकी हालत में काफी सुधार हुआ और उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। फिलहाल वह होश में है और डॉक्टरों की बात समझ रही है।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का ब्यौरा
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से 'Cockroach Janata Party' (CJP) के नेतृत्व में हो रहा था, जिसमें NEET पेपर लीक की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा और संपत्ति के नुकसान के आरोप में 10 FIR दर्ज की गई हैं और 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं थे। इस दौरान 118 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
नेताओं का दौरा और संगठनों की प्रतिक्रिया
अस्पताल में भर्ती साक्षी से मिलने अरविंद केजरीवाल, जे.पी. नड्डा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के आरोपों पर विवाद गरमाया हुआ है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) और ADDTA जैसे शिक्षक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की चिंताओं को स्वीकार किया है, लेकिन साथ ही 'निहित स्वार्थों' पर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप भी लगाया है।