छात्रों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार लाएगी पीजी पोर्टल, 100 पीजी की होगी जांच

राजधानी दिल्ली में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की सुरक्षा को अब और पुख्ता किया जाएगा। दिल्ली सरकार जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने जा रही है, जिसके जरिए शहर के तमाम स्टूडेंट पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की मैपिंग की जाएगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 8 अक्टूबर 2026 को 'स्टूडेंट अकोमोडेशन एंड सेफ्टी' पर गठित हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) की दूसरी बैठक के बाद इस अहम फैसले की जानकारी दी।
यह पूरी कवायद सत्य निकेतन में हुई एक दर्दनाक इमारत हादसे के बाद शुरू की गई है, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी। इसी घटना के बाद सरकार ने छात्रों के रहने के लिए तय रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स और सुरक्षा मानकों को लागू करने का फैसला किया है। इस पोर्टल का शुरुआती ट्रायल (ड्राय रन) दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और एमसीडी (MCD) द्वारा चार दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर रहेगा जोर, सीसीटीवी अनिवार्य
सिर्फ पोर्टल ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सख्ती बरती जा रही है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और एमसीडी की संयुक्त टीमें अगले तीन दिनों के भीतर चिन्हित किए गए 100 पीजी आवासों का निरीक्षण करेंगी। इन जांचों का मुख्य मकसद यह देखना है कि क्या ये पीजी कानूनी नियमों का पालन कर रहे हैं और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं।
सरकार की योजना के मुताबिक, अब पीजी के कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जा सकता है, जिसमें कम से कम 40 से 45 दिनों का रिकॉर्ड बैकअप रखना होगा। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम अधिनियम और मास्टर प्लान में जरूरी बदलावों और ढील देने की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक सब-कमेटी बनाई गई है, जिसमें डीडीए, एमसीडी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हैं।
बता दें कि 5 और 6 अक्टूबर को हितधारकों के साथ चर्चा के बाद अब सरकार 'पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन रेगुलेशन एंड सेफ्टी बिल, 2026' का ड्राफ्ट अगले दो हफ्तों में तैयार कर लेगी। दशहरा की छुट्टियों के बाद हाई-पावर्ड कमेटी दोबारा बैठक करेगी, जिसमें निरीक्षण के नतीजों की समीक्षा की जाएगी।