छात्रों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार लाएगी पीजी मैपिंग पोर्टल, 100 पीजी की होगी जांच

राजधानी दिल्ली में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और उनके रहने के इंतजामों को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने जा रही है, जिसके जरिए शहर भर में मौजूद स्टूडेंट पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की मैपिंग की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास मिले और प्रशासन को पता हो कि छात्र किन परिस्थितियों में रह रहे हैं।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरुवार को 'छात्र आवास और सुरक्षा' पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने बताया कि सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना के बाद ही इस कमेटी का गठन किया गया था, ताकि पीजी और हॉस्टलों के लिए व्यापक नियम बनाए जा सकें।
सुरक्षा मानकों की होगी सख्त निगरानी
पोर्टल के जरिए छात्रों और उनके आवासों की जानकारी जुटाई जाएगी, जिससे अधिकारियों को यह जानने में मदद मिलेगी कि बच्चे कहां रह रहे हैं और उन्हें क्या सुविधाएं मिल रही हैं। शुरुआती तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी और MCD अगले दो से चार दिनों के भीतर इस पोर्टल का परीक्षण करेंगे, जिसके बाद सरकार एक आधिकारिक अभियान चलाकर छात्रों को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इस पूरी योजना के तहत कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- तत्काल निरीक्षण: MCD और DDA की टीमें अगले तीन दिनों के भीतर चिन्हित किए गए 100 पीजी आवासों का संयुक्त निरीक्षण करेंगी ताकि सुरक्षा मानकों और कानूनी अनुपालन की जांच की जा सके।
- CCTV अनिवार्य: प्रस्ताव है कि सभी पीजी के प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए, जिनका रिकॉर्डिंग बैकअप कम से कम 40-45 दिनों का हो।
- नियमों में ढील की संभावना: एक उप-समिति बनाई गई है जो मास्टर प्लान और DMC एक्ट के तहत उन प्रतिबंधों की समीक्षा करेगी जो पीजी चलाने में कानूनी अड़चनें पैदा करते हैं। इसमें शैक्षिक केंद्रों के 5-6 किलोमीटर के दायरे और आरडब्ल्यूए (RWA) क्षेत्रों में पीजी संचालन की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य पीजी संचालकों को अनावश्यक परेशान करना नहीं, बल्कि एक पारदर्शी पंजीकरण प्रक्रिया बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही पीजी संचालन को व्यवस्थित करने के लिए नए नियम और कानून लाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा और ड्राफ्ट फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के लिए दशहरा के बाद एक और बैठक आयोजित की जाएगी।